छत्तीसगढ़

आज खुलेगा खैरागढ़ के 20 वार्डों का चुनावी राज, किसके हिस्से आएगी कौन-सी सीट? आरक्षण पर टिकी दावेदारों की नजर

दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में होगी वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया; संभावित गणित में 1 ST, 3 SC, 7 OBC और 9 अनारक्षित वार्ड, तस्वीर साफ होते ही तेज होगी टिकट की दौड़

खैरागढ़। दिसंबर में प्रस्तावित नगर पालिका चुनाव को लेकर खैरागढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब सभी की नजरें 20 वार्डों के आरक्षण पर टिकी हैं। 7 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया के बाद यह काफी हद तक साफ हो जाएगा कि किस वार्ड से कौन-कौन से संभावित दावेदार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

जिला प्रशासन के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। आरक्षण की स्थिति सामने आते ही भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों में टिकट को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

20 वार्डों में क्या हो सकता है आरक्षण का गणित?

खैरागढ़ नगर पालिका परिषद में कुल 20 वार्ड हैं और नगर की आबादी करीब 25 हजार बताई गई है। प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था के तहत संभावित रूप से 1 वार्ड अनुसूचित जनजाति (ST), 3 वार्ड अनुसूचित जाति (SC), 7 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 9 वार्ड अनारक्षित रह सकते हैं।

हालांकि, यह केवल संभावित गणित है। अंतिम स्थिति आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार महिला आरक्षण भी निर्धारित किया जाएगा।

आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही वार्डवार दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं और दलों के भीतर भी टिकट को लेकर बैठकों का दौर तेज हो सकता है।

भाजपा-कांग्रेस ने शुरू की चुनावी तैयारी

नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा ने चुनावी रणनीति की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता लालचंद बाफना को प्रभारी के रूप में सौंपी है।

वहीं खैरागढ़ की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भाजपा नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कांग्रेस की ओर से जिला और ब्लॉक संगठन वार्डवार राजनीतिक स्थिति का आकलन कर संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन कर रहा है। जिला अध्यक्ष कोमल साहू अपनी टीम के साथ संभावित प्रत्याशियों और वार्डों के समीकरणों की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा की प्रतिष्ठा भी नगर पालिका चुनाव से जुड़ी रहेगी।

पिछले चुनाव में 10-10 पर अटक गया था गणित

पिछले नगर पालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा था। 20 वार्डों में दोनों दलों के पार्षद लगभग बराबर संख्या में निर्वाचित हुए थे और नगर पालिका में 10-10 की स्थिति बनी थी।

इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के लिए लॉटरी का सहारा लिया गया था, जिसमें परिणाम कांग्रेस के पक्ष में गया था।

इस बार दोनों प्रमुख दल नगर सत्ता पर कब्जे के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी में हैं। ऐसे में आरक्षण की घोषणा के बाद कई दावेदारों की उम्मीदों को झटका लग सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खुल सकता है।

क्या आम आदमी पार्टी बिगाड़ेगी भाजपा-कांग्रेस का खेल?

खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) भी दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बिगाड़ने की तैयारी में नजर आ रही है। पार्टी वार्डों में प्रत्याशी उतारने के साथ अध्यक्ष पद के लिए भी संभावित दावेदार की तलाश कर रही है।

पार्टी की ओर से इसे लेकर सर्वे और अंदरूनी बैठकों का दौर चलने की बात सामने आई है। जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता की अध्यक्षता में भी इस संबंध में बैठकें होने की जानकारी है।

पिछले चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने कुछ वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे और उसके उम्मीदवारों ने भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबले को प्रभावित किया था। यदि इस बार पार्टी प्रमुख वार्डों में मजबूती से प्रत्याशी उतारती है तो कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर बन सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 20 वार्डों में आरक्षण का ऊंट किस करवट बैठता है। आज आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही कई दावेदारों का राजनीतिक भविष्य तय होगा और खैरागढ़ की चुनावी जंग का असली रंग भी सामने आने लगेगा।

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