साय कैबिनेट में आज लिए गए बड़े फैसले! निर्यात नीति को मंजूरी से लेकर 45 साल की उम्र सीमा तक… जानिए क्या-क्या बदला
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मिली हरी झंडी, नवा रायपुर में NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन आवंटित; संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को भी बड़ी राहत।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था, युवाओं के कौशल विकास, सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है।
नई नीति के जरिए प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में तैयार होने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ेंगे उद्यमी
नई निर्यात नीति के तहत प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधे पहुंच दिलाने के लिए ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।
NSTI के लिए नवा रायपुर में 10 एकड़ जमीन
कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
यह जमीन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को दी जाएगी।
200 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक संस्थान
प्रस्तावित NSTI को करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाओं के साथ छात्रावास की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में हर साल करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालिक कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें उन्नत कौशल, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत
कैबिनेट के एक अन्य फैसले से राज्य के सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण का रास्ता भी साफ कर दिया है। इसके लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के एवज में ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी।
दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
आधुनिक न्यायिक परिसर के निर्माण का रास्ता साफ
इस फैसले के बाद दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
नए परिसर से न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ न्यायालय से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक बैठक में कई वर्गों को राहत
साय कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर जहां राज्य को निर्यात के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के कौशल विकास, सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों के कर्मचारियों को अवसर और दुर्ग की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

