छत्तीसगढ़

धमतरी में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली बड़ी ताकत! एक ही कैंप में 476 लोगों को 32 करोड़ का लोन, किसानों से महिलाओं तक सबको मिला फायदा

भखारा के मेगा क्रेडिट कैंप में कृषि, फूड प्रोसेसिंग और स्वरोजगार के लिए करोड़ों की ऋण सहायता; 211 किसानों को KCC और 155 महिला समूहों को भी मिला वित्तीय संबल

रायपुर/धमतरी, 10 सितंबर 2026। धमतरी जिले के भखारा में बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से आयोजित मेगा क्रेडिट कैंप ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल साबित हुआ। शिविर में 476 हितग्राहियों के लिए कुल 32 करोड़ रुपये की ऋण सहायता स्वीकृत एवं वितरित की गई।

इस पहल के जरिए किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को संस्थागत बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का अवसर दिया गया।

फूड और एग्रो प्रोसेसिंग को सबसे बड़ा सहारा

मेगा क्रेडिट कैंप में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया। फूड एवं एग्रो प्रोसेसिंग से जुड़े 7 प्रकरणों में 16 करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की गई।

इसके अलावा किसानों को कृषि कार्यों के लिए भी बड़ी सहायता दी गई।

  • 211 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 6 करोड़ रुपये
  • ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे कृषि उपकरणों के लिए 69 प्रकरणों में 5 करोड़ रुपये
  • 155 स्वयं सहायता समूहों को 5 करोड़ रुपये
  • बैंक ऑफ बड़ौदा की नारी शक्ति योजना के 34 प्रकरणों में 84 लाख रुपये

इस वित्तीय सहायता से खेती, कृषि आधारित व्यवसाय, महिला स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

‘ऐसे कैंप ग्रामीणों के लिए खोलते हैं आर्थिक समृद्धि के रास्ते’

कलेक्टर धमतरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग संस्थानों की ओर से आयोजित ऐसे क्रेडिट कैंप वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों और स्थानीय उद्यमियों के लिए आर्थिक विकास के नए अवसर तैयार करते हैं।

उन्होंने हितग्राहियों से अपील की कि ऋण राशि का इस्तेमाल निर्धारित उत्पादक गतिविधियों में करें और इसका उपयोग अपनी आय तथा आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए करें।

15 सितंबर को फिर लगेगा लोन मेला

कलेक्टर ने बताया कि 15 सितंबर को जिंजर लीफ में लोन मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद धमतरी में एक बड़े जिला स्तरीय लोन मेले का आयोजन भी किया जाएगा।

बैंकिंग योजनाओं की भी दी गई जानकारी

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को आसानी से पर्याप्त ऋण उपलब्ध होने से गांवों में रोजगार और आय के नए साधन तैयार होते हैं।

क्रेडिट कैंप के दौरान बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, पात्रता शर्तों, जरूरी दस्तावेजों और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी भी दी। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय योजनाओं से जोड़ने में मदद मिली।

Related Articles

Back to top button