जब मंच पर उतरी शिवशक्ति की दिव्य कहानी, कुचिपुड़ी के हर भाव पर थम सी गई दर्शकों की नजरें
41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह में बिलासपुर की श्वेता नायक एंड ग्रुप ने दी शानदार प्रस्तुति, तांडव और लास्य के संगम ने बांधा समां

रायपुर, 19 सितंबर 2026। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर की श्वेता नायक एंड ग्रुप ने कुचिपुड़ी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘शिवशक्ति समर्पण’ शीर्षक से प्रस्तुत इस नृत्य कार्यक्रम में भगवान शिव के तांडव और माता पार्वती के लास्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।
प्रस्तुति में भक्ति, शक्ति, सौंदर्य और लय को बेहद प्रभावशाली ढंग से पिरोया गया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय, सधे हुए पदसंचालन और लयबद्ध नृत्य ने सांस्कृतिक संध्या को खास बना दिया।
‘मीनाक्षी पंचरत्नम्’ से हुआ कार्यक्रम का आगाज
कुचिपुड़ी प्रस्तुति की शुरुआत ‘मीनाक्षी पंचरत्नम्’ से हुई। रागमालिका और आदि ताल में प्रस्तुत इस रचना के माध्यम से देवी मीनाक्षी के दिव्य स्वरूप, सौंदर्य और महिमा को कुचिपुड़ी नृत्य की भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों के हाव-भाव और नृत्य की बारीकियों ने दर्शकों को देवी उपासना के भाव से जोड़ दिया। प्रस्तुति के दौरान मंच पर भक्ति और सौंदर्य का विशेष प्रभाव दिखाई दिया।
थाली पर संतुलित नृत्य ने खींचा दर्शकों का ध्यान
इसके बाद प्रस्तुत ‘तरंगम’ ने दर्शकों का विशेष आकर्षण खींचा। थाली पर संतुलन बनाकर किया गया नृत्य कुचिपुड़ी की कठिन और आकर्षक परंपरा का शानदार उदाहरण रहा।
जटिल पदसंचालन, लय, ताल और भाव के अद्भुत समन्वय ने कलाकारों की नृत्य दक्षता को सामने रखा। प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की नजरें मंच पर टिकी रहीं।
शिव के गंगाधर और आनंद नटराज स्वरूपों का भावपूर्ण चित्रण
‘शिवशक्ति समर्पण’ में भगवान शिव के गंगाधर, चंद्रचूड़ और आनंद नटराज स्वरूपों का भावपूर्ण निरूपण किया गया। नृत्य के माध्यम से गंगा के शिव की जटाओं में अवतरण और लोककल्याण के लिए भगवान शिव द्वारा गंगा को अपनी जटाओं में धारण करने की कथा को जीवंत किया गया।
भगवान शिव के तांडव और माता पार्वती के लास्य के बीच संतुलित भावाभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को आध्यात्मिक और कलात्मक दोनों स्तरों पर प्रभावशाली बना दिया।
गुरु श्वेता नायक के निर्देशन में कलाकारों ने दी प्रस्तुति
पूरे कार्यक्रम का निर्देशन गुरु श्वेता नायक ने किया। उनके मार्गदर्शन में डी. धारणी, श्री दिप्ता पॉल, चेतन्या साहू, मेघा सारथी, ऐश्वर्या, श्वेता सालिनी नायक, एन. स्तुति रेड्डी, एन. दिव्यांका और हर्षिता कैवर्त सहित कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी।
चक्रधर समारोह की इस सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर के कलाकारों की कुचिपुड़ी प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक भाव से रूबरू कराया।



