राजस्थान को पहली वंदे भारत मिली, मोदी ने दिखाई झंडी:PM बोले- गहलोत जी राजनीतिक संकट में हैं, फिर भी वे यहां आए
राजस्थान की पहली वंदे भारत ट्रेन जयपुर से सुबह करीब 11.30 बजे दिल्ली कैंट के लिए रवाना हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। देश की 15वीं वंदे भारत का रेग्यूलर संचालन 13 अप्रैल से अजमेर से दिल्ली कैंट के बीच किया जाएगा। इसके लिए आईआरसीटीसी ने आज से बुकिंग स्टार्ट कर दी है।
वंदे भारत के उद्घाटन के दौरान मोदी ने पहले की सरकारों पर रेलवे के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि जब लोगों को स्थायी सरकार मिली, उसके बाद रेलवे में तेजी से बदलाव शुरू हुए। मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे इन दिनों राजनीतिक आपाधापी में हैं, राजनीतिक संकटों से गुजर रहे हैं फिर भी समय निकालकर कार्यक्रम में पहुंचे।
पीएम ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन से जयपुर, दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। यह ट्रेन राजस्थान की टूरिज्म को भी मदद करेगी।
पुष्कर और अजमेर शरीफ आस्था के स्थल तक पहुंचने में लोगों को आसानी होगी। बीते दो महीनों में ये छठी वंदे भारत ट्रेन है, जिसे हरी झंडी दिखाई गई। वहीं, कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जल्द ही देशभर में स्लीपर वंदे भारत ट्रेन भी चलाई जाएंगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
मोदी ने कहा कि पहले राजनीतिक स्वार्थ ही तय करता था कब कौनसी ट्रेन चलेगी। कौन रेलमंत्री बनेगा? हालत ये थी रेलवे की भर्तियों में भी भ्रष्टाचार होता था। गरीब लोगों की जमीन छीनकर उन्हें नौकरियों का झांसा दिया गया।
सब कुछ नजरअंदाज कर दिया गया, लेकिन जब देश के लोगों ने स्थिर सरकार बनवाई तब ये स्थितियां बदलीं। जब राजनीतिक दबाव हटा तो रेलवे ने भी चैन की सांस ली। आज हर भारतीय रेलवे का कायाकल्प होते देख गर्व महसूस करता है।
ये देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन
प्रधानमंत्री ने कहा कि तेज रफ्तार से लेकर खूबसूरत डिजाइन तक वंदे भारत संपन्न है। देशभर में ट्रेन का गौरव गान हो रहा है। वंदे भारत ने कई नई शुरुआत की है। वंदे भारत पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है, जो मेड इन इंडिया है। यह कॉम्पेक्ट और एफिशेंट है, स्वदेसी सेफ्टी सिस्टम से लैस है।
आज यह ट्रेन भारत को विकसित यात्रा की ओर ले जाएगी। हमारा देश का दुर्भाग्य रहा। रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया। आजादी के बाद भारत को बड़ा रेलवे नेटवर्क मिला था, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ हावी रहा।
जब से आधुनिक ट्रेनें शुरू हुईं तब से 60 लाख लोग इन ट्रेनों में सफर कर चुके हैं। तेज रफ्तार वंदे भारत की ख़ासियत है कि समय बचा रही है। देशभर में चल रहीं वंदे भारत ट्रेनें लोगों के ढाई हजार घंटे बचाए हैं। ये घंटे लोगों को अन्य कार्यों के लिए यूज हो रहे हैं।


