छत्तीसगढ़

विधानसभा में गूंजा तीजन बाई का नाम, मुख्यमंत्री साय बोले- छत्तीसगढ़ ने खो दिया अपनी लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न

पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को सदन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि… मुख्यमंत्री ने कहा- उनकी कला और साधना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है और कला जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

निधन उल्लेख के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन, अभिनय, ओजपूर्ण वाणी और पात्रों का जीवंत चित्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी बेहद सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनीं।

उन्होंने कहा कि एशिया, यूरोप सहित दुनिया के अनेक देशों में अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से डॉ. तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह सम्मान प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति थीं।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कला जगत में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर संवेदना व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक विश्वविद्यालयों ने डॉ. तीजन बाई को डी.लिट. की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद रखा जाएगा।

अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी पुण्यात्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों और कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि। 🕊️ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा— “छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न खो दिया।” पढ़िए सदन में कही गई पूरी श्रद्धांजलि।

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