छत्तीसगढ़

हर महीने मिलने वाले ₹1000 ने बदल दी जिंदगी! बस्तर की इस महिला ने किया ऐसा काम, अब पूरे इलाके में हो रही चर्चा

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रायपुर।

महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का माध्यम भी बन रही है। इसका प्रेरक उदाहरण बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा में देखने को मिला है, जहां योजना से मिलने वाली राशि ने एक महिला के परिवार की आजीविका को नई दिशा दे दी।

ग्राम मांझीगुड़ा निवासी चंदा ने महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग गोंचा पर्व में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक तुपकी बनाने में किया है। इस पहल से न केवल परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।

तुपकी बांस से तैयार किया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बंदूक जैसी आवाज उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रही है।

चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। इसी राशि से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय की उम्मीद कर रहा है।

उनका कहना है कि यह योजना महिलाओं के लिए सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।

गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 29 किस्तों में महिलाओं के खातों में 18,805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

R.O. No. : 13910/ 226

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