छत्तीसगढ़

 एक म्यूल अकाउंट खुला और सामने आया 21 राज्यों का साइबर जाल! 113 करोड़ से ज्यादा का लेन-देन, एक आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर, 24 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक म्यूल बैंक अकाउंट की जांच करते-करते पुलिस के सामने साइबर ठगी का ऐसा नेटवर्क आया है, जिसकी कड़ियां 21 राज्यों तक जुड़ी हुई बताई जा रही हैं। जांच में करीब 150 अलग-अलग बैंक खातों से साइबर धोखाधड़ी का लिंक सामने आया है और इन खातों के जरिए 113 करोड़ 32 लाख रुपये से ज्यादा का लेन-देन होने की जानकारी मिली है।

मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

I4C पोर्टल से मिली थी साइबर फ्रॉड की जानकारी

मामला सूरजपुर थाने में दर्ज एक म्यूल अकाउंट से संबंधित एफआईआर के बाद सामने आया। पुलिस को इस संबंध में जानकारी I4C यानी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के ज्वाइंट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन पोर्टल के माध्यम से मिली थी।

जांच में पता चला कि करीब 150 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन में हुआ है। इन खातों में कुल मिलाकर 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन सामने आया।

सूरजपुर के अकाउंट तक पहुंची साइबर ठगी की रकम

जांच आगे बढ़ी तो साइबर फ्रॉड से जुड़ी कुछ रकम सूरजपुर के एक म्यूल अकाउंट में पहुंचने की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने इस खाते और उससे जुड़े लोगों की जांच शुरू की। सामने आया कि यह अकाउंट D N चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम की संस्था से जुड़ा हुआ था।

यह खाता भारतीय स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में संस्था के नाम से संचालित था। पुलिस जांच में खाते को देवनारायण चक्रधारी और महेश कुमार चक्रधारी से जोड़ा गया।

पहले भी साइबर फ्रॉड में जेल जा चुका है गिरफ्तार आरोपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संस्था से जुड़े महेश कुमार चक्रधारी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, महेश पहले भी साइबर फ्रॉड के एक मामले में जेल जा चुका है। हालांकि इस मामले में उसके खाते में अब तक साइबर ठगी की कितनी रकम पहुंची और उसका नेटवर्क में कितने लोगों से सीधा संपर्क था, इसकी जांच अभी जारी है।

एक आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस

मामले में देवनारायण चक्रधारी को फरार बताया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि म्यूल अकाउंट के जरिए आने वाली रकम को आगे किन खातों में ट्रांसफर किया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

21 राज्यों और 150 खातों तक पहुंची जांच

पुलिस के सामने आया यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसकी कड़ियां 21 राज्यों और करीब 150 बैंक खातों तक जुड़ती दिखाई दे रही हैं। 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की जांच अब साइबर फ्रॉड नेटवर्क की अगली परतों तक पहुंचने की कोशिश है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और नए खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर म्यूल अकाउंट के जरिए चल रहे पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

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