क्राइमछत्तीसगढ़

फर्जी लाइसेंस की आड़ में जहर का खेल, कार से निकले 7 कार्टून नशीली सिरप, खुला ऐसा नेटवर्क जिसने उड़ा दिए होश

दवा कंपनी के नाम पर चल रहा था खतरनाक धंधा, 800 बोतल कोडीन सिरप के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार, लाखों का सामान जब्त

दुर्ग। शहर में नशे का जाल कितनी गहराई तक फैल चुका है, इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब दुर्ग पुलिस ने एक संगठित नशीली सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ में चल रहे इस खतरनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस कार्रवाई के दौरान जो सामने आया, उसने जांच टीम को भी चौंका दिया। आरोपियों के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है, जिसमें 800 नग प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप, एक सेंट्रो कार, एक एक्टिवा, चार मोबाइल फोन और बिक्री की नकद रकम शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, 23 अप्रैल 2026 को सूचना मिली थी कि भिलाई के जुनवानी खम्हरिया रोड पर कुछ लोग बड़ी मात्रा में नशीली सिरप की अवैध सप्लाई करने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर सेंट्रो कार को रोका। तलाशी के दौरान कार से 7 कार्टून में भरी प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप बरामद हुई, जिसे अवैध तरीके से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी योगेश शर्मा और उमेश कुमार यादव फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर इस पूरे नेटवर्क को चला रहे थे। वे गुजरात स्थित कंपनियों से ई-कुरियर और ऑनलाइन माध्यम से नशीली सिरप मंगवाते थे और फिर उसे ऊंचे दामों पर बेचते थे। जांच में यह भी सामने आया कि असली लाइसेंस में एडिटिंग कर नकली दस्तावेज तैयार किए गए थे, साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील का इस्तेमाल किया जा रहा था।

जांच आगे बढ़ी तो इस नेटवर्क से जुड़े दो और आरोपी महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध मुनाफे के लिए युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था।

सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों में योगेश शर्मा, उमेश कुमार यादव, महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से लाखों रुपये की सामग्री जब्त की है, जिसमें प्रतिबंधित सिरप, वाहन और मोबाइल फोन प्रमुख हैं।

दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं या अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। समाज को नशे से बचाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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