एक धमाका और खत्म हो गया पूरा परिवार… कुम्हारी सिलेंडर ब्लास्ट पर भूपेश बघेल का बड़ा आरोप
चार लोगों की जिंदा जलकर मौत के बाद पूर्व CM ने बिजली विभाग को ठहराया जिम्मेदार, FIR और 50-50 लाख मुआवजे की मांग

दुर्ग। कुम्हारी में हुए भयावह सिलेंडर ब्लास्ट हादसे के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और हादसे को लेकर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।
भूपेश बघेल ने कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की अनदेखी और खराब व्यवस्था के कारण चार लोगों की जान चली गई। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही।
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत और गम का माहौल बना हुआ है।
दरअसल, मंगलवार दोपहर दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के खपरी गांव में एक भीषण हादसा हुआ था। जानकारी के मुताबिक बिजली खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से आग भड़की। खंभे के नीचे बने प्लास्टिक और तिरपाल के छप्पर में आग लगी और देखते ही देखते लपटें घर के किचन तक पहुंच गईं। इसी दौरान गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया।
धमाका इतना भयानक था कि पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। घर के अंदर मौजूद लोग बाहर निकल ही नहीं सके। आग में जिंदा जलने वालों में दो बहनें चांदनी वैष्णव (18), लक्ष्मी वैष्णव (20), उनके पिता अनिल वैष्णव (45) और डेढ़ साल की मासूम गोपिका वैष्णव शामिल हैं।
स्थानीय लोगों ने धमाके की आवाज सुनकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर से चारों शव बरामद किए गए।
घटना के समय अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की बच्ची घर के अंदर थी और वह भी आग की चपेट में आ गई।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली 4-4 लाख रुपए की सहायता के अतिरिक्त 5-5 लाख रुपए की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की विस्तृत जांच और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने के निर्देश भी दिए हैं।
अब इस हादसे ने बिजली व्यवस्था, मेंटेनेंस और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
