तेल खत्म होने वाला है या ये सिर्फ एक डरावना खेल? अफवाह ने मचाया ऐसा हड़कंप कि सड़कों पर उमड़ी भीड़, पंप हुए सूने
युद्ध की आहट के बीच पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली एक खबर ने देश के कई राज्यों में खड़ी कर दी बेचैनी की लहर

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट की आशंकाओं को जन्म दे दिया है, लेकिन देश के भीतर जो हुआ उसने हालात को और भी ज्यादा चिंताजनक बना दिया। जैसे ही पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर अफवाह फैली, वैसे ही कई राज्यों में हालात अचानक बिगड़ते नजर आए। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखने लगीं और पेट्रोल पंपों के बाहर ऐसा माहौल बन गया जैसे कोई बड़ी आपदा आने वाली हो। लोग न सिर्फ अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने पहुंचे, बल्कि ड्रम, केन, बोतल और यहां तक कि छोटे-छोटे डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने लगे।
शुरुआत में यह स्थिति सीमित इलाकों तक थी, लेकिन देखते ही देखते यह डर कई राज्यों में फैल गया। गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अचानक पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी। महाराष्ट्र के अमरावती में तो हालात इतने बिगड़ गए कि कई पेट्रोल पंपों पर बिक्री पूरी तरह बंद करनी पड़ी और ‘पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं’ के बोर्ड लगा दिए गए। जो पंप खुले थे, वहां भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था।
गुजरात में अहमदाबाद से उठी यह अफवाह कुछ ही घंटों में वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक पहुंच गई। लोग ऐसे पेट्रोल पंपों पर टूट पड़े जैसे किसी संकट के समय पानी के लिए मारामारी होती है। इसी तरह मध्य प्रदेश में तो हालात और भी ज्यादा डरावने हो गए, जहां कई जिलों में रातों-रात एक से दो किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। लोग किसी भी कीमत पर पेट्रोल-डीजल जमा करने में जुटे नजर आए, जिससे प्रशासन को भी स्थिति संभालने के लिए मैदान में उतरना पड़ा।
राजस्थान में भी अफवाह ने अफरा-तफरी मचा दी। खबर फैल गई कि देशभर में एक अप्रैल तक पेट्रोल पंप बंद रहेंगे, जिसके बाद बीकानेर, उदयपुर, जालोर और अन्य शहरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई जल्दी से जल्दी अपने वाहन की टंकी भरवाने की होड़ में लग गया। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी यही तस्वीर देखने को मिली, जहां पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी भीड़ ने सामान्य आपूर्ति को प्रभावित कर दिया।
हालांकि इन सबके बीच सरकार और प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ अफवाहों का असर है, लेकिन जिस तरह से लोगों में डर फैला और हालात बेकाबू होते नजर आए, उसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक अफवाह कितनी तेजी से पूरे सिस्टम को हिला सकती है।




