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एक आइडिया ने बदली किस्‍मत, अब बिहार का युवक रोज कमाता है 10 हजार

बेगूसराय: देश में अंडे की खपत में लगातार इजाफा हो रहा है. जबकि बिहार भी इससे अछूता नहीं है. इन दिनों लोग राशन की तरह ही अंडे का भी सेवन कर रहे हैं. वहीं, इसकी बढ़ती खपत पोल्ट्री फार्म का धंधा करने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छी कमाई भी हो रही है. आज के समय में संडे हो मंडे, रोज खाओ अंडे’, अब केवल विज्ञापन का स्‍लोगन नहीं रहा बल्कि अपने सपना पूरा करने का स्लोगन बन गया है. बेगूसराय के युवा भी लेयर फार्मिंग के क्षेत्र में अग्रसर हैं. लेयर फार्मिंग करने वाले सिंटू सिंह ने बताया कि कुछ दोस्तों के साथ आंध्र प्रदेश गए थे. वहीं, लेयर फार्मिंग का आइडिया मिला. इसके बाद मिशन बनाया कि क्‍यों ना बिहार के लोग अपने ही राज्‍य में तैयार अंडा खाएं.

बेगूसराय जिला के खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत मटिहानी गांव के रहने वाले किसान जगदेव सिंह उर्फ सिंटू सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश दोस्तों के साथ घूमने गए थे. जहां लेयर फार्मिंग का तरीका और उससे होने वाली कमाई के बारे में जाना. इसके बाद जब बेगूसराय लौटकर आया तो खुद का फार्म बनाने का फैसला ले लिया और 2 साल में एक करोड़ की लागत से फार्म बनकर तैयार हुआ. जबकि पिछले 6 वर्षों से अंडे का उत्पादन कर रहे हैं.

रोजाना होती है 10 हजार तक की कमाई
सिंटू सिंह ने बताया कि एक चूजा करीब 5 रुपये तक में आता है और इसका वजन 35 ग्राम होता है. वहीं, चार महीने तक चूजों की देखभाल करनी होती है. इस बीच ये 3 किलो तक दाना खा लेते हैं. इसके बाद 16 हफ्तों के अंदर ही चूजा वयस्क होकर मुर्गी बन जाता है और अंडा देने लगता है. साथ ही बताया कि एक मुर्गी अपने 72 हफ्ते के व्यावसायिक जीवनकाल में 360 अंडे देती है. सिंटू सिंह ने बताया कि मेरा 10 हजार मुर्गी का फार्म है. जबकि रोजाना 9 से 10 हजार रुपये की बीच कमाई होती है.

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