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₹4000 की सैलरी और करोड़ों का ‘शीशमहल’! TMC नेता की गिरफ्तारी के बाद खुल रहे दौलत के राज, वीडियो ने मचाया बवाल

पुलिस के शिकंजे में आया प्रभावशाली नेता, आलीशान बंगले से लेकर वसूली के आरोपों तक कई सवालों के घेरे में

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उत्तर 24 परगना जिले के प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और बांदीपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान प्रसेनजीत साहा की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। उन पर कथित तौर पर जबरन वसूली, धमकी देने और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर उनके आलीशान घर की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। विपक्षी दल बीजेपी ने भी एक वीडियो साझा कर इस मामले को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।

‘पी गैलेक्सी हाउस’ बना चर्चा का केंद्र

गिरफ्तारी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा प्रसेनजीत साहा के उस आलीशान बंगले की हो रही है, जिसे उन्होंने कथित तौर पर ‘पी गैलेक्सी हाउस’ नाम दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यह भवन किसी महल से कम नहीं दिखाई देता। विपक्ष का आरोप है कि एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के पास इतनी बड़ी संपत्ति कैसे पहुंची, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

किन आरोपों में हुई गिरफ्तारी?

पुलिस के अनुसार, प्रसेनजीत साहा को धमकी देने और कथित वसूली से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों को डराया-धमकाया और आर्थिक लाभ हासिल किया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

जमीन कारोबार को लेकर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि कल्याणी एक्सप्रेसवे के आसपास के कुछ वेटलैंड क्षेत्रों में अवैध तरीके से मिट्टी भरवाकर जमीन को व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार किया गया और बाद में उसे ऊंची कीमतों पर बेचा गया। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

साहा ब्रदर्स पर भी कार्रवाई

इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले में एक अन्य कार्रवाई में टीएमसी से जुड़े सुजीत साहा और उनके भाई अजीत साहा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। दोनों पर कथित वसूली और अन्य मामलों में जांच चल रही है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

प्रसेनजीत साहा की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं की ओर से मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

फिलहाल जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। वहीं राजनीतिक हलकों में यह मामला अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

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