छत्तीसगढ़

सड़क के बीच बिजली के खंभे देख भड़के अरुण साव, 4 अधिकारियों पर गिरी गाज; अब इस मामले में होगी जांच

बिलासपुर, 8 अगस्त 2026। विकास कार्यों में लापरवाही और अव्यवस्था को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उस वक्त मामला गरमा गया, जब बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे लगाए जाने का मामला सामने आया। उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

इतना ही नहीं, बैठक से नदारद रहने वाले चार अधिकारियों के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

सड़क के बीच बिजली खंभे लगाने पर सख्त हुए साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बरतोरी-मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे खड़े किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला पंचायत के सीईओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल, जलभराव पर अभी से तैयारी

बिलासपुर शहर में पहली बारिश के दौरान सामने आई जलभराव की समस्या को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि जलभराव का केवल अस्थायी समाधान करने के बजाय स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने सड़कों पर बारिश के बाद होने वाले गड्ढों और क्षति की मरम्मत को लेकर भी अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने को कहा, ताकि बारिश खत्म होते ही सड़क सुधार का काम तत्काल शुरू किया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।

गांव-गांव मलेरिया पर नजर, मितानिन स्तर तक दवाइयों की व्यवस्था

बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने मलेरिया समेत अन्य बीमारियों को लेकर गांव स्तर तक लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं, जिनमें 6 मरीज उपचाररत हैं। अन्य मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1500 मच्छरदानियों का वितरण भी किया जा रहा है।

फसलें अच्छी, खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक

अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त बारिश के कारण जिले में फसलों की स्थिति अच्छी है और बांधों में भी पर्याप्त पानी है। समितियों में करीब 300 क्विंटल बीज और 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया समेत अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं।

धान खरीदी को लेकर उप मुख्यमंत्री ने किसानों के एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए, ताकि पंजीयन के अभाव में कोई किसान धान बेचने से वंचित न रह जाए।

गांवों में जरूरत के हिसाब से होंगे विकास कार्य

वीबी-जी रामजी योजना की समीक्षा के दौरान अरुण साव ने अधिकारियों को फील्ड की वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्य स्वीकृत करने को कहा। उन्होंने मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूलों की मरम्मत, जल संरक्षण और छोटे बांध जैसे स्थानीय जरूरत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने गांवों में जल संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने और पानी बचाने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया।

जल जीवन मिशन की 310 योजनाएं पूरी

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।

उप मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्जिंग के लिए जिले में किए जा रहे जनभागीदारी के प्रयासों की सराहना भी की।

मल्हार और रतनपुर के लिए बनेगा मास्टर प्लान

बैठक में ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने दोनों शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करते समय दोनों ऐतिहासिक स्थलों की विरासत, पर्यटन की संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई के कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बिलासपुर में आईएसडीपी योजना के तहत बनाए गए आवासों की आवश्यक मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को जल्द आवंटित करने को भी कहा गया।

अस्पताल और आयुष महाविद्यालय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी

समीक्षा बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में बिलासपुर जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक भी हुई। इसमें अस्पताल और महाविद्यालय की सुविधाओं एवं विकास कार्यों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई।

बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और दिलीप लहरिया सहित जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

Related Articles

Back to top button