गरियाबंद: चुनाव खत्म होते ही एक्शन मोड में प्रशासन: SDM ने अवैध धान भंडारण पर की कार्रवाई, 3 पिकअप समेत 160 बोरी अवैध धान जब्त

गरियाबंद। जिले के जिन इलाकों के किसानों ने सूखा से फसल प्रभावित बता कर समर्थन मूल्य में धान नही बेचने का एलान किया है उसी इलाके में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए डंप किए गए 525 बोरी धान और बोरी बैग धान के साथ 3 पीकअप वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की है. दरअसल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशासनिक अमला व्यस्त था, जिसका धान तस्करों ने खुलकर फायदा उठाया। देवभोग,उरमाल, गोहरापदर इलाके में ओडिशा से धान की भारी मात्रा में अवैध परिवहन शुरू हो गया था.
आज तड़के 4 बजे से एसडीएम अर्पिता पाठक ने नवरंगपुर जिला से लगे ओडिशा सीमा को जोड़ने वाले बरही रास्ता निरीक्षण पर निकली थी. रास्ते में धान के अवैध परिवहन की आशंका के आधार पर तीन पिकअप वाहन को जब्त किया। एस डी एम पाठक ने बताया कि पिकअप क्रमांक CG 04 NP 2711 में 50 बैग धान वाहन चालक तुलसी बीसी से, CG 03 के 9673 वाहन चालक जितेंद्र नागेश से 60 बैग धान, OD 08T 1909 के चालक छ्बीलाल से 50 बैग धान समेत वाहन को जप्त किया गया है, तीनों वाहन में धान के परिवहन के दरमियान टोकन जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। जिसे जब्त कर पटवारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं.

525 बोरा धान घर और खलिहान में डंप था, कोई सामने नहीं आया
अवैध परिवाहन करने वाले वाहन के अलावा अफसर ने खलीहान में डंप धान को भी जब्त किया है. SDM ने बताया कि दीवान मुड़ा में जब एक घर में 275 बोरा डंप धान के बारे पूछा गया तो पास मौजूद महिला किस खेत या किसान का है नहीं बता पाई. इसी तरह बरही के टोंगसी पारा में एक वीरान घर में 250 बैग धान मिला. इस संबंध में भी कोई दावेदार नही आए.
SDM पाठक ने कहा कि देवभोग तहसील के नदी पार के सभी 5 खरीदी केंद्र के अलावा तहसील के कूल 8 खरीदी केंद्रों में सुखा प्रभावित इस इलाके में किसानो ने समर्थन मूल्य में धान नही बेचने का लिखित ज्ञापन दिया था. जिसमे फसल प्रभावित होना बताया था. जिसकी आरभिक जांच में उत्पादन प्रभावित होना पाया गया है, फसल प्रयोग रिपोर्ट लगातार तैयार की जा रही है. ऐसे प्रभावित इलाके में भारी मात्रा में धान का भंडारण कई संदेह को जन्म देता है. भंडारण किए गए धान की जांच और भौतिक सत्यापन के निर्देश पटवारियों को दिए गए है. जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही होगी.

