3 साल के बेटे के लिए जान की भीख मांगते रहे भारत भूषण, नाम पूछकर आतंकियों ने सिर में मारी गोली; पत्नी ने सुनाई आपबीती
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसारन घाटी में मंगलवार को हुए भयावह आतंकी हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। इस दिल दहला देने वाले हमले में 35 वर्षीय भारत भूषण को उनके तीन साल के बेटे के सामने सिर में गोली मार दी गई, जब वे आतंकी से अपने बेटे की खातिर रहम की भीख मांग रहे थे।
‘मेरे पास एक बच्चा है, मुझे मत मारो’
भारत भूषण अपनी पत्नी और बेटे के साथ छुट्टियां मनाने पहलगाम गए थे। हमले के वक्त तीनों एक टेंट के पीछे छुपे हुए थे। फिर आतंकी वहां पहुंचा तो भारत ने कहा कि मेरे पास एक बच्चा है, मुझे मत मारो। फिर भी आतंकी ने उनके सिर में गोली मार दी।

18 अप्रैल को को गए थे कश्मीर
डॉ. भूषण (भारत की पत्नी) ने बताया, “हम 18 अप्रैल को छुट्टियों मनाने गए थे और बैसारन हमारा आखिरी पड़ाव था। हम पोनी राइड करके ऊपर गए वहां तस्वीरें लीं और कश्मीरी पोशाकें पहनीं और बच्चे के साथ खेले। फिर अचानक गोलियों की आवाजें आने लगी।”
2:30 बजे के बाद शुरू हुई थी गोलीबारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू हुआ। पहले एक गोली चली, फिर आतंकियों ने पूरे मैदान में चरणबद्ध तरीके से लोगों को चुन-चुन कर मारना शुरू कर दिया।
खुला मैदान, छिपने की जगह नहीं, हर ओर मौत का साया
बता दें, बैसारन एक खुला और हरा-भरा मैदान है, जहां पर्यटक टेंट लगाकर रुकते हैं। कोई ठोस दीवार या सुरक्षा घेरे नहीं थे। इसलिए जब हमला शुरू हुआ तो लोगों के पास भागने या छिपने की कोई जगह नहीं थी।
डॉ. भूषण ने बताया, “हमने शुरू में सोचा कि शायद जंगली जानवरों को भगाया जा रहा है। लेकिन फिर गोलियों की आवाज़ें नजदीक आने लगीं और समझ आया कि यह एक आतंकी हमला है।”
2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला
इस हमले को पुलवामा हमले के बाद सबसे भीषण आतंकी हमला माना जा रहा है। पुलवामा में 2019 में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे। इस बार निशाना आम नागरिक और पर्यटकों को बनाया गया।

भारत की जवाबी कार्रवाई
- सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित कर दिया गया है।
- अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तुरंत बंद कर दिया गया।
- SAARC वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं।

