क्राइमछत्तीसगढ़

BREAKING: ट्रकों से लेकर एयरपोर्ट तक… DRI ने खोली नशे की तस्करी की पूरी पोल, 709 किलो गांजा और चरस जब्त; पटना में टीम पर हमला

रायपुर में दो ट्रकों से 375.95 किलो गांजा बरामद, पटना में कार्रवाई के दौरान DRI अधिकारी घायल; पंजाब, यूपी, तेलंगाना और कर्नाटक में भी बड़ी कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्तार।

 

रायपुर/नई दिल्ली। देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ा अभियान चलाया है। छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में गांजा, हाइड्रोपोनिक गांजा और चरस बरामद की गई है।

DRI के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 709.6 किलोग्राम गांजा, 24.5 किलोग्राम हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा और 5 किलोग्राम चरस जब्त की गई। NDPS अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पटना में कार्रवाई के दौरान DRI का एक अधिकारी घायल भी हुआ।

रायपुर में दो ट्रकों से मिली 375.95 किलो गांजा

छत्तीसगढ़ के रायपुर में DRI ने 8 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की। पुराने धमतरी रोड के पास विशाखापट्टनम से आ रहे दो ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखी 10 बोरियों के अंदर 61 पैकेट मिले। जांच में इन पैकेटों में गांजा होने की पुष्टि हुई। दोनों ट्रकों से कुल 375.95 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले 26 अगस्त 2026 को भी DRI ने रायपुर के पास एक ट्रक से करीब 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। उस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ था।

पटना में कार्रवाई के दौरान DRI टीम पर हमला

बिहार के पटना में 5-6 सितंबर को खुफिया सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने औरंगाबाद-पटना हाईवे पर एक ट्रक को रोकने की कोशिश की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर हमला कर दिया गया, जिसमें एक DRI अधिकारी घायल हो गया।

हालांकि ट्रक चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। तलाशी के दौरान ट्रक के ड्राइवर केबिन के पीछे एक गुप्त कैविटी मिली। इसके अंदर 90 पैकेटों में छिपाकर रखा गया 140.5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

DRI ने ट्रक और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

लुधियाना में कार के फर्श में बना रखा था गुप्त रास्ता

पंजाब के लुधियाना में 1-2 सितंबर को DRI ने एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार के फर्श में विशेष रूप से बनाई गई कैविटी का पता चला।

इस कैविटी में 67 पैकेटों में 69 किलोग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था। वाहन और मादक पदार्थ को जब्त करते हुए DRI ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 5 किलो चरस बरामद

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी DRI ने कार्रवाई की। 3 सितंबर को अमरनाथ एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में यात्रा कर रहे तीन संदिग्ध यात्रियों को पकड़ा गया।

तलाशी के दौरान करीब 5 किलोग्राम चरस (हशीश) बरामद हुई। DRI के मुताबिक, आरोपियों ने चरस को शरीर पर छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए थे। जांच में सामने आया कि यह चरस नेपाल से तस्करी कर भारत लाई गई थी।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

विदेश से लाई जा रही थी हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा

नशे की तस्करी का एक और नेटवर्क एयरपोर्ट पर सामने आया। हैदराबाद और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पिछले 15 दिनों में DRI ने तीन अलग-अलग अभियानों में कार्रवाई की।

इन कार्रवाइयों में हनोई (वियतनाम) और बैंकॉक (थाईलैंड) से भारत पहुंचे तीन यात्रियों के पास से कुल 24.6 किलोग्राम हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया। तीनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

सड़क, रेल और हवाई मार्ग पर DRI की नजर

DRI के अनुसार, इन कार्रवाइयों से यह सामने आया है कि मादक पदार्थों की तस्करी के लिए तस्कर सड़क, रेल और हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर एजेंसी की कार्रवाई लगातार जारी है।

रायपुर में ट्रकों से लेकर लुधियाना में कार की गुप्त कैविटी, गोरखपुर में ट्रेन और विदेश से आने वाली फ्लाइट तक—अलग-अलग तरीकों से हो रही तस्करी के खिलाफ DRI ने एक साथ शिकंजा कसा है।

एजेंसी का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ऐसी खुफिया-आधारित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

 

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