छत्तीसगढ़

BREAKING: रामअवतार जग्गी हत्याकांड, याहया ढेबर, अभय गोयल समेत 28 को उम्रकैद बरकरार

रायपुर बिलासपुर, 4 अप्रैल। बहुचर्चित एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड पर गुरुवार को हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर, अभय गोयल, चिमन सिंह समेत 28 अभियुक्तों की सजा बरकरार रखा है।

अभियुक्तों ने जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिला अदालत ने उक्त सभी अभियुक्तों को सजा सुनाई थी। सीबीआई ने पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया था।

बाद में अमित बरी हो गए, और कुल 31 आरोपी बनाए थे। इनमें से दो बुल्ठु पाठक और सुरेन्द्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने अमित को बरी करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इससे परे चीफ जस्टिस की बैंच में प्रकरण पर सुनवाई हुई, और सभी 28 अभियुक्तों की कैद की सजा को बरकरार रखा है। इनमें से 5 आरोपी याहया ढेबर, अभय गोयल, शूटर चिमन सिंह, और आरके त्रिवेदी, तत्कालीन सीएसपी एएस गिल को आजीवन कैद की सजा सुनाई थी। बाकी आरोपियों को भी सजा हुई थी।

सतीश जग्गी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की आत्मा और जग्गी परिवार को सुकून मिला है। सतीश जग्गी ने कहा कि अमित को सजा दिलवाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

पूर्व में जांच एजेंसियों ने अमित को मुख्य षडय़ंत्रकारी बताया था। एनसीपी के कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी की हत्या 4 जून वर्ष 2003 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मौदहापारा इलाके में गोली मारकर की गई थी। उस समय एनसीपी के अध्यक्ष स्व. विद्याचरण शुक्ल थे। जिनकी पूर्व सीएम स्व. अजीत जोगी से अदावत थी। इस बीच स्व. जग्गी की पत्नी ने पिछले दिनों सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर अपने और परिवार की सुरक्षा मांगी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button