छत्तीसगढ़

CG NEWS: सड़क पर पलटी पिकअप और खुल गया ‘राज’! अंदर का नजारा देख पुलिस भी रह गई हैरान, 5 भैंसों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार

छोटी पिकअप में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे मवेशी, न दस्तावेज मिले न सुरक्षित परिवहन के इंतजाम; पुलिस ने कत्लखाने ले जाने की आशंका में शुरू की जांच

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पिकअप वाहन के पलटने के बाद कथित भैंस तस्करी का मामला सामने आया है। नगरी थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन की जांच की तो उसके अंदर पांच भैंस मिलीं। पुलिस ने मवेशियों को बरामद करने के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, मवेशियों को एक पिकअप वाहन में भरकर ले जाया जा रहा था। वाहन के पलटने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।

हादसे के बाद खुला पूरा मामला

घटना नगरी थाना क्षेत्र के ग्राम कर्राघाटी-चमेदा मार्ग की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पिकअप में पांच भैंसों को भरकर ले जाया जा रहा था।

आरोपियों की पहचान पाइप भाटा निवासी ओंकार कुर्रे और उसके दो साथियों के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मवेशियों को नवरंगपुर स्थित कत्लखाने की ओर ले जाया जा रहा था।

हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन की जांच की, जिसके बाद मामले की परतें खुलती चली गईं।

पिकअप में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे मवेशी

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास भैंसों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था।

पुलिस के अनुसार, पांचों भैंसों को एक छोटी पिकअप में बेहद कम जगह में ठूंसकर ले जाया जा रहा था। इस तरह मवेशियों के परिवहन को लेकर पशु क्रूरता का भी मामला सामने आया है।

हादसे के बाद वाहन की स्थिति और उसमें मौजूद मवेशियों को देखकर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की।

तीनों आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला

मामले में नगरी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस कथित परिवहन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

फिलहाल पांच भैंसों को पुलिस ने बरामद कर लिया है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एक सड़क हादसे ने जिस मामले का राज खोला, अब जांच इस सवाल पर टिकी है कि क्या यह सिर्फ एक वाहन तक सीमित मामला था या इसके पीछे मवेशियों की तस्करी से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था?

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