छत्तीसगढ़

CG Progressive Farmers Organization submitted: सरकार बनाना है तो किसानों की सुनें! छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने कांग्रेस और भाजपा को सौंपा एजेंडा

रायपुर। CG Progressive Farmers Organization submitted memorandum छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने आज रायपुर में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में और भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे भवन में दोनों दलों के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा कांग्रेस की ओर से धनंजय ठाकुर और भाजपा की ओर से नरेश गुप्ता ने किसान संगठन का ज्ञापन ग्रहण किया।

Cg Progressive Farmers Organization submitted memorandum छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के ज्ञापन में 1 अक्टूबर को दुर्ग के नगपुरा में सम्पन्न प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत में पारित मुद्दों को शामिल किया गया है, किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने भाजपा और कांग्रेस से कहा है कि यदि सरकार बनाना चाहते हैं तब उन्हें किसानों के एजेंडा को अपनी पार्टी के चुनाव घोषणापत्र में प्राथमिकता से शामिल करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के ज्ञापन में राज्य के बजट की 50 प्रतिशत राशि कृषि, किसान और ग्रामीण विकास के लिए आबंटित करने, किसान की अध्यक्षता में किसान आयोग का गठन करने, 60 साल से अधिक उम्र वाले किसानों को सम्मानजनक पेंशन देने, अनाज बैंक स्थापित करने, सिंचित भूमि का रकबा 5 साल में दो गुना करने, नदी नालों में व्यर्थ बहने वाले पानी को लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सिंचाई के लिए संग्रहित करने, फ सल बीमा योजना में वास्तविक उत्पादन को निर्धारित उपज मानने, धान सहित अनाज, दलहन, तिलहन के एक एक दाना की न्यूनतम समर्थन मूल्य में सरकारी खरीद करने, इनपुट सब्सिडी को बढ़ाकर 18 हजार रूपए प्रति एकड़ करने, आटा, मैदा, बेसन, दाल और तेल के उत्पादन के लिए सहकारी समितियों में उद्योग स्थापित करने, किसानों की मांग पर मनरेगा मजदूर उपलब्ध कराने, अमानक बीज, खाद, दवा आदि की बिक्री पर कड़ाई से रोक लगाने, सब्जी मंडियों में खरीदी बिक्री, कमीशन आदि गतिविधियों के लिए एकरूपता लाने नियम बनाने और पंचायत क्षेत्रों में संचालित हेचरी, फिशरी, डेयरी और पोल्ट्री के बिजली उपयोग को कृषि टैरिफ में रखने की मांग शामिल हैं। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधि मंडल में पुकेश्वर साहू, कांति देशमुख, दीपक यादव, परमानंद यादव, उत्तम चंद्राकर, बाबूलाल साहू, बद्रीप्रसाद पारकर, झबेंद्र भूषण वैष्णव, आई के वर्मा और राजकुमार गुप्त शामिल थे।

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