चंद्रमा का शिव शक्ति प्वांइट हिमालय से कन्याकुमारी तक एकता का प्रतीक होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि शिव शक्ति प्वाइंट भावी पीढ़ियों को मानवता के कल्याण के लिए विज्ञान के उपयोग की दिशा में प्रेरित करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रमा पर वह प्वांइट जहां चंद्रयान मिशन-2 ने निशान छोड़े हैं उसे “तिरंगा” कहा जाएगा।
पीएम ने कहा, तिरंगा प्वाइंट प्रेरणा का काम करेगा। यह एक प्रतीक होगा जो बताएगा कि असफलता अंत नहीं है। यह इस बात का भी प्रमाण होगा कि यदि आप प्रतिबद्ध हैं तो सफलता निश्चित है। चंद्रयान-3 मिशन ने पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया है, भावना को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा, जो चंद्रमा का बीज बोएगा उसके अंदर उपलब्धि की भावना होगी।
पीएम मोदी ने कहा, “हिंदुस्तान (भारत) हर साल 23 अगस्त को चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाएगा। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का जश्न मनाया जाएगा।” इसके पूर्व शनिवार सुबह इसरो पहुंचने पर प्रधानमंत्री का इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ, इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के निदेशक बी.एन. रामकृष्ण और यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर के निदेशक एस. शंकरन ने स्वागत किया।
पीएम मोदी ने तीनों वैज्ञानिकों को गले लगाकर स्वागत किया और उनकी पीठ थपथपाई। बाद में, उन्होंने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी इसरो में 45 मिनट तक वैज्ञानिकों से बातचीत करेंगे। हजारों लोग इसरो के आसपास जमा होकर पीएम मोदी के जयकारे लगाते नजर आए