वनडे मैचों में गेंद के नियम में बदलाव कर सकता है आईसीसी, कन्कशन नियमों में भी परिवर्तन संभव

विजडन की रिपोर्ट के अनुसार, टीमों को मैच शुरू होने से पहले रैफरी को ऐसे पांच खिलाड़ियों की सूची सौंपनी होगी जो कन्कशन सब्स्टीट्यूट होंगे। इस सूची में विकेटकीपर, बल्लेबाज, तेज गेंदबाज, स्पिनर और ऑलआउरंडर की भूमिका से एक खिलाड़ी होगा। अगर ऐसी स्थिति आती है कि जिस खिलाड़ी को कन्कशन सब्स्टीट्यूट चुना गया है वो भी कन्कशन का शिकार हो जाता है तो मैच रैफरी को सूची के बाहर किसी खिलाड़ी को उसका रिप्लेसमेंट चुनना होगा। हालांकि, रिप्लेसमेंट चुनते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि ये लाइक फॉर लाइक सब्स्टीट्यूट हो। यानी अगर कोई तेज गेंदबाज कन्कशन के कारण बाहर हो रहा है तो उसकी जगह कोई तेज गेंदबाज ही मैदान पर आए।
भारत-इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के दौरान हुआ था विवाद
भारत और इंग्लैंड के बीच इस साल चौथे टी20 मैच के दौरान भारत ने शिवम दुबे की जगह कन्कशन सबस्टीट्यूट के रूप में हर्षित राणा को उतारा था। शिवम गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं जिन्होंने 89 टी20 मैचों में 72.4 ओवर गेंदबाजी की है और उनकी जगह हर्षित को उतारने पर विवाद हुआ था क्योंकि हर्षित विशेषज्ञ तेज गेंदबाज हैं। हर्षित ने उस मैच में तीन विकेट लिए थे। इस फैसले ने यह चर्चा शुरू कर दी थी कि क्या भारत को इससे फायदा पहुंचा। मौजूदा नियम के अनुसार, कन्कशन सब्स्टीट्यूट लाइक फॉर लाइक रिप्लेसमेंट हो सकता है जिसमें मैच रैफरी सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को मंजूरी देते समय चोटिल खिलाड़ी की शेष खेल में भूमिका को ध्यान में रखता है।
कब से लागू होंगे नियम
रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधित प्लेइंग कंडीशन्स 17 जून से श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच होने वाले पहले टेस्ट मैच से लागू हो सकते हैं। वहीं, वनडे और टी20 प्रारूप के नियमों में बदलाव क्रमशः दो और 10 जुलाई को लागू होंगे जब बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच सीमित ओवरों की सीरीज खेली जाएगी। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच 11 जून से होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।
वनडे में चुननी होगी एक गेंद
इसके अलावा आईसीसी वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल पर भी परिवर्तन करने जा रहा है। मौजूदा समय में वनडे में दोनों छोर से नई गेंद का इस्तेमाल होता है, लेकिन आईसीसी इसमें संशोधन करने जा रहा है। संशोधित नियम के अनुसार, एक से 34 ओवर तक दो गेंदों का इस्तेमाल होगा जिसके बाद 35 से 50 ओवर तक के खेल के लिए फील्डिंग टीम को इन दो में से किसी एक गेंद को चुनना होगा जिससे शेष ओवर कराए जाएंगे। यानी 34 ओवर के बाद दोनों छोर से एक ही गेंद का इस्तेमाल करना होगा। किसी कारण अगर मैच 25 या इससे कम ओवर का कराना पड़ता है तो एक ही गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
