देश

Republic Day 2024 : कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश की झांकी ने बढ़ाया नारियों का सम्मान, लड़ाकू विमान के प्रतिरुप के साथ दिखी प्रदेश की बेटी अवनी..

नई दिल्ली। पूरे देश में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का उत्साह देखा जा रहा है। आज देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश के कोने कोने में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य अतिथि फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों मौजूद रहे। इस दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इसके बाद भारतीय सेना ने अपने जौहर का प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यों की झांकियों ने अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।

कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश की झांकी- विकास का मूल मंत्र आत्मनिर्भर नारी

झाँकी मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नारी शक्ति पर केन्द्रित है, मध्यप्रदेश ने विकास प्रक्रिया में महिलाओं को अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सम्पूर्ण सुरक्षा चक्र प्रदान कर सीधे तौर पर जोड़ने में जो सफलता प्राप्त की है वह उल्लेखनीय है,खेत खलिहान से लेकर वायुयान तक आज प्रदेश की बेटियाँ अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहीं हैं।

झाँकी के अग्रभाग में भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट और प्रदेश की बेटी अवनी चतुर्वेदी लड़ाकू विमान के प्रतिरुप के साथ दिख रही हैं। इसके पश्चात स्व-सहायता समूह की एक महिला कलाकार मटके पर चित्रकारी कर रही हैं। द्वितीय मध्य भाग में बादल महल गेट चंदेरी की प्रतिकृति है एवं विश्व विख्यात चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट साड़ियों को तैयार करने वाली बुनकर महिलाएं साड़ियों के एक प्रतीकात्मक प्रदर्शनी काउंटर के साथ विक्रय हेतु खड़ी हैं।

झाँकी के अंतिम भाग में बेहतर पोषण युक्त आहार मोटे अनाज

(मिलेट्स) उत्पादन को प्रोत्साहन की प्रेरणा देती भारत के मिलेट मिशन की ब्रांड एम्बेसडर और मिलेट वुमन ऑफ़ इंडिया के रूप में ख्याति प्राप्त मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले सुश्री लहरी बाई दिखाई दे रही है, जिनके हाथ में विक्रय हेतु मिलेट्स का एक पैकेट दिखाई दे रहा हैइस प्रकार मोटे अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाया गया है। यह प्रतिमा 180 डिग्री एंगल पर घूमती दिखाई दे रही है।इसके आस-पास बांस की बनी विभिन्न टोकरियों में प्रदेश में पैदा होने वाला विभिन्न प्रकार का मोटा अनाज प्रदर्शित किया गया है। झाँकी के निचले और बाहरी हिस्से में स्टोन काविंग से निर्मित शिल्प एवं प्रदेश की समृद्ध गाँड जनजातीय की महिला कलाकार चित्रकारी कर रही है और अंतिम भाग में मोटे अनाज से निर्मित महिलाओं के भित्ति चित्र को दर्शाया गया है। झाँकी के आस पास प्रदेश के स्थानीय अंचल मालवा के लोकगीत की धुन पर मटकी लोक-नृत्य करती महिलाएं साथ चल रही हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button