छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा: विधायक के पीए और विहिप के जिला संयोजक ने महिला डॉक्टरों से की अभद्रता, 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं, नाराज डॉक्टरों ने किया ओपीडी बंद, इलाज कराने भटक रहे मरीज, इधर कांग्रेसियों ने फूंका MLA का पुतला

दंतेवाड़ा. जिला अस्पताल में महिला डॉक्टरों के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है. 15 अगस्त को विधायक के पीए कमलेश नाग अपनी पत्नी को लेकर विश्व हिंदु परिषद के जिला संयोजक संतोष साहू के साथ अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान अस्पताल में झाडू पोंछा चल रहा था. महिला सफाई कर्मी ने थोड़ा सा रुकने के लिए कहा, इस पर दोनों भड़क गए. सफाई कर्मी से तू-तू मै-मै सुन महिला डॉक्टर प्रयंका पहुंची. उन्होंने सफाई कर्मी का सर्पोट करते हुए कहा, थोड़ा सा रुक जाओ, साफ- सफाई आप ही लोगों के लिए हो रही है. इस बात को सुन विधायक का पीए कमलेश नाग भड़क उठा और डॉक्टर से अभद्र व्यवहार किया. इसकी शिकायत डॉक्टर और स्टॉफ ने गृहमंत्री से की पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दिया है. इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा.

कमलेश नाग ने महिला डॉक्टर से कहा, अभी जानती नहीं हो कौन हूं मै? इसके बाद डॉक्टर और स्टॉफ भी पहुंचे तो विधायक के पीएम और विश्व हिंदु परिषद के जिला संयोजक बुरा-भला और अभद्र व्यवहार करने लगे. किसी तरह वहां सीनियर डॉक्टर ने मामला शांत करवाया. इसके बाद महिला डॉक्टर और स्टॉफ थाना पहुंचे. वहां आवेदन देने के बाद डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा को भी मंदिर के सामने ज्ञापन दिया और कार्रवाई करने की मांग की. 24 घंटे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो डॉक्टरों ने ओपीडी को बंद कर दिया है. इसके चलते मरीज दर-बदर भटक रहे हैं. उनको इलाज दने वाला कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं हैं.

इस मामले में अब महिला कांग्रेस कमेटी डॉक्टर के सपोर्ट में मैदान में उतरी है. कांग्रेस की जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा ने साफ कहा, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो महिला कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी. महिला कांग्रेस कमेटी ने जय सतंभ चौक पर विधायक चैतराम अटामी का पुतला भी फूंका. भाजपा, मोदी और विधायक चैतराम अटामी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए.

अस्पाताल के सीएस बोले – आपातकाल में सेवाएं जारी

जिला अस्पताल के सीएस कपिल देव कश्यप ने कहा, डॉक्टरों के साथ अभद्रता की गई. इस बात की जानकारी सीएचएमओ, कलेक्टर व गृहमंत्री तक को दी गई है. बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और उनकी गिरफ्तारी की जाए. इसके बाद ही ओपीडी बहाल होगी. हालांकि इस दौरान किसी भी इमरजेंसी को नहीं रोका जाएगा. हालांकि अस्पातल में स्थिति अभी बेहतर नहीं है. मारीज बैरंग लौट रहे हैं. सोनोग्राफी कराने आई दूर-दारज से महिलाओं को वापस लौटना पड़ रहा है.

काउंटर पर्ची पर भी कोई कर्मचारी नहीं

जिला अस्पताल में पर्ची काउंटर भी सूना पड़ा है. यहां भी कोई कर्मचारी तैनात नहीं है. यहां मौजूद एक कर्मचारी ने बताया, जब डॉक्टर ही नहीं हैं तो काउंटर पर बैठने का कोई मतलब ही नहीं है. डॉक्टर और नर्स हड़ताल पर गए हैं. सच भी यही है कि कर्मचारियों का अस्पताल में कोई मतलब ही नहीं है. सभी कर्मचारी अस्पातल में घूम रहे हैं. जिला प्रशासन चाहता तो इस मामले को समय रहते निराकरण कर सकता था. 24 घंटे से भी अधिक समय बीत गया, लेकिन भाजपा से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए ये मामला बिगड़ा है.

थाना प्रभारी बोले – कार्रवाई होगी

इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी विजय पटेल का कहना है कि डॉक्टर थाना आए हैं. उन्होंने आवेदन दिया है. आवेदन के आधार पर कार्रवाई होगी. जिन लोगों ने अभद्रता की है उन पर कार्रवाई तय है.

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