क्राइमछत्तीसगढ़

दुर्ग पुलिस द्वारा लगातार साईबर अपराध एवं धोखाधड़ी के विरूद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में अपराध कायमी के 72 घण्टे के अंदर 95 प्रतिषत माल बरामद करने के साथ-साथ 5 आरोपी भी गिरफ्तार

घटना मेें प्रयुक्त कार एवं उपयोग किये मोबाईल भी बरामद

दुर्ग पुलिस द्वारा लगातार साईबर अपराध एवं धोखाधड़ी के विरूद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में अपराध कायमी के 72 घण्टे के अंदर 95 प्रतिषत माल बरामद करने के साथ-साथ 5 आरोपी भी गिरफ्तार

 दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्यवाही ठगी एवं धोखाधड़ी के पांच आरोपी गिरफ्तार

 उममेीव एवं सिपचबंतज वदसपदम तमेंसम के माध्यम से फर्जी तरीके से कराये गये थे विभिन्न प्रकार के माल आर्डर

 जालसाजी में उममेीव एवं सिपचबंतज के आॅनर एवं टीम लीडर की संलिप्तता

 घटना मेें प्रयुक्त कार एवं उपयोग किये मोबाईल भी बरामद

 षडयंत्र रचकर सभी माल आॅनलाईन आर्डर कर एक ही जगह धमधा के वेयर हाउस मेें मंगाया जाकर घटना को दिया गया अंजाम

 आर्डर किये सामानों में महंगे मोबाईल, डिजिटल वाॅच, डिजिटल कैमरा, महंगे लैपटाॅप एवं अन्य प्रकार के सामानों की की गई फर्जी डिलीवरी

 अपने ही परिचित लोगों के मोबाईल नंबर का उपयोग कर धोखाधड़ी करके आरोपीयों द्वारा करवाये गये थे आॅनलाईन आर्डर

 बड़ी मात्रा में सामानों की आॅनलाईन आर्डर कर आरोपीयों द्वारा एक ही रात में कर डाले सारे सामानों की फर्जी तरीके से कैष आॅन डिलीवरी

 जालसाजी करने के लिए एक महीने पहले से ही कर लिये थे पूरी तैयारी

 अपराध में कवर्धा के उममेीव का तमेंसमत भी बना आरोपी

 फरार आरोपीयों की भी जल्द की जायेगी गिरफ्तारी

थाना धमधा क्षेत्रांतग्र्र्रत सिपचबंतज जमंउ समंकमत अमर मंडल द्वारा अपने एक पुराने दोस्त अरविन्द के साथ मिलकर एक महिना पहले ही सिपचबंतज भ्नइ स्थापित किया गया, वे दोनों पहले भी उक्त प्रकार की कंपनी के साथ डिलीवरी ब्वाॅय का काम कर चुके थे, जिससे माल के आर्डर से डिलीवरी और इनके बीच होने वाली सभी प्रक्रियाओं की जानकारी इन्हें हो गई थी जिसके कारण कम समय में ही ज्यादा पैसा कमाने की सोचकर इन दोनों के द्वारा धमधा में सिपचबंतज भ्नइ स्थापित किये, अपने काम को अंजाम देने के लिए इनके द्वारा अपने पुराने परिचित कवर्धा में उममेीव कवर्धा ब्रांच का आॅनर दीपक साहू और मनीष दास से मिले और एक योजना बनाए कि धमधा क्षेत्र के विभिन्न लोगों के पतों पर महंगे-महंगे विभिन्न प्रकार के सामान आॅनलाईन करेंगे बाद सभी सामान जब धमधा स्थित इनके हब में आ जाएंगी तब सभी माल लेकर किसी सुरक्षित स्थान में ले जाकर सभी सामानों की आॅनलाईन डिलीवरी कर देंगे और जिसे विभिन्न दुकानों में बेचकर नगदी कमाई कर लिया जायेगा, योजनानुसार आरोपियों अमर मंडल, अरविन्द वर्मा, दीपक साहू, मनीष दास मिलकर अपने एवं अपने अन्य परिचितों के माध्यम से विभिन्न मोबाईल नंबरों का उपयोग कर विभिन्न पतों पर आॅनलाईन सामान सहूलियत के अनुसार एक ही स्थान धमधा हब में ही आर्डर किये बाद जब सभी सामान के आर्डर से आने पर दीपक साहू के अर्टिका कार से सभी सामानों को लेकर राजनांदगांव की ओर रवाना हो गये जहां अरविन्द के पूर्व परिचित लड़की मोनिका मौर्य से एक मकान मुहैया कराने बोला गया जिसके द्वारा बेलगांव में एक कमरा उन आरोपीयों को मोनिका द्वारा मुहैया कराया गया, मोनिका को भी वे लोग अपने साथ हिस्सेदारी में रखे और उसे उन्हीं सामानों में से अरविन्द द्वारा कुछ सामान मोबाईल, लैपटाॅप दिये, मोनिका को भी पूरी योजना के बारे में बताये, बेलगांव में ही आरोपीयों द्वारा मिलकर पूर्व में अमर मंडल के साथ काम किये आर0 वेंकटेष उर्फ राहुल निवासी सेक्टर-2 के पूर्व में बने फ्लिपकार्ट आईडी का उपयोग कर सभी सामानों की फर्जी तरीके से आॅनलाईन डिलीवरी कर दी गई, बाद इन लोगों के द्वारा सामानों को विभिन्न दुकानों में बेचने महिला आरोपी को वहीं बेलगांव में छोड़ वापस दुर्ग आये जहां से किसी को शक न हो पाये कवर्धा के उममेीव के आॅनर दीपक साहू और उसके साथी मनीष दास, अमर और अरविन्द से अलग हो गये, दीपक साहू अपनी कार आर्टिका से मनीष दास के साथ कवर्धा चले गये, बाद अमर और अरविन्द भिलाई निवासी अपने एक अन्य दोस्त लोकेश को अपने साथ लिये और पूरी योजना के बारे में बताकर सामानों को विभिन्न दुकानों में खपाने की बात जिसमें उसकी भी हिस्सेदारी होने बताने से लोकेष भी योजना में शामिल हो गया और सभी गाड़ियां बदल-बदलकर एक जगह से दूसरे जगह जाने लगे, उक्त आरोपियों में से अमर मंडल एवं नेहरू नगर निवासी अंकित का विगत लगभग आठ वर्षों से आॅनलाईन प्राप्त मोबाईल का फर्जी तरीके लेनदेन करने का गोरखधंधा चल रहा था जिसके ही अनुक्रम में अमर मंडल द्वारा ठगी के सामानों में से आठ नग महंगे-महंगे मोबाईल अंकित को देकर जिसे विभिन्न मोबाईल दुकानों एवं ग्राहकों को देकर अंकित द्वारा अवैध धन प्राप्त करने के मकसद में अग्रसर हुआ था, इसी दौरान घटना की सूचना फ्लिपकार्ट कोरियर कंपनी के वेंडर पवन यादव को मिलने पर वह थाना धमधा में प्रथम सूचना दर्ज कराया सूचना मिलने से पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सूचना वरिष्ठ अधिकारीयों श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिषेक पल्लव को देकर उनके तथा अति0पु0 अधीक्षक(ग्रामीण) श्री अनंत साहू द्वारा दिये मार्गनिर्देषन एवं अनुविभागीय अधिकारी धमधा प्रभात कुमार(आईपीएस) द्वारा सभी तकनीकि पहलुओं को ध्यान में रखकर दुर्ग एसीसीयू टीम तथा थाना जामुल, थाना छावनी की टीम तैयार कर निर्देषित करते हुए आरोपीयों के मोबाईल नंबरों का काॅल डिटेल रिकाॅर्ड, टाॅवर डम्प, आॅनलाईन आर्डर किये सामानों की हिस्ट्रीलिस्ट तथा आरोपीयों द्वारा उपयोग किये गाड़ियों को उनके मालिकों से सम्पर्क कर गाड़ियों में लगे जीपीएस टेªकर का बारीकि से अध्ययन कर अपराधियों तक अपनी पहुंच बनाई तथा अलग-अलग स्थानों में दबिष दी गई जिसमें जीपीएस टेªकर के माध्यम से के अवलोकन विष्लेषण से मालूम चला कि गाड़ी नांदघाट से आगे दौडेंगा गांव में रूकी थी एक्टिव मुखबिरों से पता चला कि दौडेंगा लोकेष का फुफा गांव है जहां टीम द्वारा जाकर पता करने से ज्ञात हुआ कि लोकेष और उसके साथी अमर, अरविन्द द्वारा ठगी का सामान वहां यह कहकर कि उसके दोस्त मोबाईल शाॅप खोलने वाले हैं उसका सामान है कुछ किराया दुकान ढूढकर ले जाएंगे छोड़ दिये और वहां से फरार हो गये, बाद लोकेष अपने तिल्दा सिनोधा निवासी विकास के घर जाकर उसे प्रकरण की पूरी जानकारी देकर पैसे मेें हिस्सेदारी होना बताकर अपनी योजना में शामिल कर लिया और उसे भी ठगी के दो मोबाईल देकर उसमें से एक स्वयं रख लेने और दूसरा किसी मोबाईल दुकान में बेचकर पैसा प्राप्त कर लेना बताया साथ ही अपराध में प्रयुक्त टवेरा गाड़ी को भिलाई छोड़ देना बोलकर खरोरा से रवाना कर दिया गया, खरोरा में ही अपराध का सबूत छिपाने अरविन्द फ्लिपकार्ट की सफेद बोरियों को जिसमें कंपनी के रैपर निकाल कर रखे थे को जलाकर नष्ट कर दिया, बाद वहां से एक नई गाड़ी अर्टिका कार किराया कर दो बैग में ठगी के मोबाईल लेकर आरंग की तरफ भाग गए, इस प्रकार प्रकरण में संलिप्त पांच आरोपीयों को हिरासत में लिया गया जिनमें एक महिला आरोपी भी शामिल थी, जिनसे पूछताछ में अपराध करना स्वीकार किया गया, पूरी कार्यवाही में अब तक लगभग 95ः माल बरामद किया जा चुका है कुछ अन्य माल बरामद होना शेष है जो अन्य आरोपीयों की पतासाजी लगातार किया जाकर उनकी गिरफ्तारी किया जाकर बरामद किया जाता है। आरोपीयों दीपक साहू, मनीष कुमार दास, मोनिका मौर्य, विकास साहू तथा अंकित को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
उपरोक्त कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी धमधा श्री प्रभात कुमार(प्च्ै), एसीसीयू टीम इंचार्ज दुर्ग निरीक्षक संतोष मिश्रा, थाना प्रभारी धमधा निरीक्षक सोमेश सिंह, उनि यशवंत जंघेल, सउनि संतुराम ठाकुर, सउनि छुनकु राम, प्र0आर0 रमेश सिंह, निषाल वालदे, आर0 विमल साहू, विजेन्द्र धु्रव, अरूण चैहान, गोवर्धन चैहान, प्रशांत साहू, म0आर0 आरती यादव, एसीसीयू निरीक्षक अर्जुन लाल पटेल, निरीक्षक दुर्गेष कुमार वर्मा, सउनि राजेष पाण्डे, प्र0आर0 चन्द्रषेखर बन्जीर, प्र0आर0 कपिल यादव, आर0 अभय राय, आर0 प्रदीप, तिलेष्वर, शोभित, नरेन्द्र, धीरेन्द्र, नरेन्द्र सहारे थाना जामुल से आर0 अमित सिंह, रत्नेष शुक्ला, जी0 सेमुअल थाना छावनी से आर0 विवेक पोद्दार थाना अर्जुन्दा आर0 भूपत दास, म0आर0 जागृति ठाकुर रायपुर क्राईम आर0 जषवंत सोनी, आषीष राजपूत की भूमिका सराहनीय रही।
नाम आरोपी-
1.दीपक साहू पिता गोविन्द साहू उम्र-33 वर्ष साकिन ग्राम टप्पा, शीतलापारा, थाना चिचोला, राजनांदगांव
2. मनीष कुमार दास पिता एमसन दास उम्र 34 वर्ष साकिन ग्राम तुमड़ीबोर, रामनगर मोहल्ला, थाना डोंगरगांव, राजनांदगांव
3. कुमारी मोनिका मौर्य पिता गोपाल दास मौर्य उम्र 19 साल साकिन खैरागढ़ पाण्डुका, हाल पता पुराना बस स्टेण्ड के पास राजनांदगांव
4. विकास साहू पिता तिलक राम साहू उम्र 25 वर्ष साकिन ग्राम सिनोधा, माता कर्मा, वार्ड नंबर-12 थाना तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर
5. अंकित परगनिहा पिता अजय परगनिहा उम्र 35 वर्ष साकिन नेहरू नगर वेस्ट, जिला दुर्ग

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