छत्तीसगढ़

बर्ड फ्लू का ‘खौफ’! 10 किमी तक चिकन-अंडे पर बैन, रोज़ 50 लाख का कारोबार ठप

कोनी क्षेत्र में संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन सख्त, सड़कों से लेकर होटलों तक छापा—नियम तोड़ा तो सीधी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में बर्ड फ्लू के खतरे ने अचानक हालात बदल दिए हैं। शहर से लगे कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होते ही प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए 10 किलोमीटर के दायरे में चिकन और अंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर पोल्ट्री कारोबारियों पर पड़ा है, जहां रोजाना करीब 50 लाख रुपये का कारोबार ठप हो गया है।

कलेक्टर Sanjay Agrawal के निर्देश पर नगर निगम, पशुपालन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार मैदान में सक्रिय हैं। इन टीमों को पोल्ट्री फार्म, चिकन दुकानों और होटलों में सख्ती से निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कहीं भी चिकन या अंडों की बिक्री होती पाई गई, तो न सिर्फ सामग्री जब्त कर नष्ट की जाएगी, बल्कि संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि होटल और रेस्टोरेंट्स में भी चिकन और अंडों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य विभाग लगातार निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी इस प्रतिबंध का उल्लंघन न करे। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें लगातार दौरा कर रही हैं, जिससे लोगों में भी सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर ने बताया कि संक्रमित क्षेत्र के आसपास के पूरे 10 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील मानते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके लिए 4-4 सदस्यों की 9 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

बर्ड फ्लू के इस खतरे ने न सिर्फ व्यापारियों की कमर तोड़ दी है, बल्कि आम लोगों के बीच भी डर का माहौल बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर यह संकट कब तक टलेगा और कब बाजार में फिर से चिकन और अंडों की सप्लाई सामान्य हो पाएगी।

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