छत्तीसगढ़ विधानसभा: घोटालों की जांच की मांग पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का बयान, कहा- ‘राजनीतिक बदले की भावना पर कोई नहीं करता बात, इस प्रवित्ति पर रोक लगाने की जरूरत’
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ में झीरम कांड, शराब घोटाला और बिरनपुर हत्याकांड की जांच को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक राज्य में एक साल में 21 सौ करोड़ का घोटाला हुआ है. सरकारी दुकान से शराब बेचे गए, इसका चालान प्रस्तुत हुआ, कुछ लोग अंदर भी है. इसकी जांच होनी चाहिए.
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तत्कालीन भूपेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ED को जांच में सहयोग नहीं किया यह स्थापित तथ्य है. इसे पटरी पर लाकर सहयोग करके दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए. ये छत्तीसगढ़ की जनता का धन है उसे छत्तीसगढ़ की जनता को जानने का अधिकार है. बीरनपुर घटना पर सीबीआई जांच की मांग किए जाने को लेकर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने बीजेपी विधायक ईश्वर साहू का जिक्र करते हुए कहा कि, एक पीड़ित जो इस सदन में विधायक है. यह सदन एक पीड़ित पिता को न्याय नहीं दिल पाता है तो हम दुखी होंगे. बिरनपुर में विशेष समुदाय के दो और लोग मरे है. उसमें कांग्रेस के तत्कालीन विधायक की किसी तरह की भूमिका है क्या ? चुनाव को ध्रुवीकरण करने के लिए ऐसा किया गया क्या ? इसकी जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस के कार्यकाल को कट्टर भ्रष्टाचारी कहने वाले सवाल पर अजय चंद्राकर ने कहा कि, कट्टर भ्रष्टाचारी इसलिए कहा क्योंकि जिस योजना में लाभ नहीं दिखता था उसे सरकार संचालित नहीं करती थी. जिसमें अवसर दिखता था उसमें कांग्रेस के लोग बैंड बजाते हुए मांगने के लिए वसूलने के लिए निकल पड़ते थे.
झीरम घटना की सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि, झीरम घटना में सीबीआई जांच होनी चाहिए। पूरी घटना का सीन रिक्रिएट करना चाहिए. हमले के प्रत्यक्षदर्शी कवासी लखमा और मलकीत सिंह गेंदु दोनों जिंदा है. भूपेश बघेल के कौन से पॉकेट में सबूत हैं, सीन रीक्रिएट होंगे तो उगलना शुरू कर देंगे.

