किसानों के लिए खुशखबरीः MSP को लेकर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, कैबिनेट बैठक में इन 14 फसलों पर लिया फैसला, PM ने कही ये बड़ी बात

Modi Cabinet Meeting: मोदी सरकार (Modi government) ने बुधवार को किसानों को बड़ी सौगात दी। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में खरीफ फसलों (Kharif crops) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी MSP बढ़ाने की मंजूरी दी गई। खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ाई गई है।धान का MSP 117 रुपये बढ़ाकर 2300 रुपये किया गया है। पहले यह 2183 रुपये था। । कपास का नया MSP 7121 और एक दूसरी किस्म के लिए 7521 रुपए पर मंजूरी दी है जो पिछली MSP से 501 रुपए ज्यादा है
केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में किसान कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। खरीफ फसल के लिए 14 फसलों पर कैबिनेट ने MSP को मंजूरी दी है। धान का नया MSP 2,300 रुपये किया गया है जो पिछली MSP से 117 रुपये अधिक है। कपास का नया MSP 7,121 और एक दूसरी किस्म के लिए 7,521 रुपये पर मंजूरी दी है जो पिछली MSP से 501 रुपये ज्यादा है।

किन फसलों पर कितनी एमएसपी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कपास एमएसपी 7121 रुपए। 501 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 2013-14 में 3700 रुपए थे। रागी – 4290, मक्का – 2225 रुपए, मूंग -8682, तूर – 7550, उरद – 7400 मूंगफली का तेल – 6783 रुपये। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि दो लाख गोडाउन बनाने का काम देश भर में चल रहा है. पहली दो टर्म में इकॉनोमी का बेस बना है. अब उसपर ग्रोथ अच्छा बना है. किसानों पर फोकस है।
दो लाख नए गोदाम बनाने का फैसला
यह पिछले फसल सीजन की तुलना में 35 हजार करोड़ रुपये ज्यादा होगा। 2004-14 की तुलना करें तो मोदी के कार्यकाल में हर फसल पर ज्यादा खरीद की गई। पैदावार की सुरक्षा की चिंता करते हुए सरकार ने पंचायत स्तर पर दो लाख नए गोदाम बनाने का फैसला किया है। वैष्णव ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि की सिफारिश तिलहन एवं दालों के लिए की गई है। धान की फसल का एमएसपी 117 रुपये बढ़ाया गया है।
एमएसपी के दायरे में कुल 23 फसलें शामिल
अभी एमएसपी के दायरे में कुल 23 फसलों को शामिल किया गया है। कपास का नया एमएसपी 7,121 रुपये होगा। इसकी एक अन्य किस्म का एमएसपी 7,521 रुपये होगा। यह पहले से 501 रुपये ज्यादा है। तिल 632 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर दाल 550 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। एमएसपी वह निर्धारित मूल्य होता है जो किसानों को उनकी उपज की लागत की तुलना में लगभग डेढ़ से गुना ज्यादा होता है। कमीशन फार एग्रीकल्चर कास्ट एंड प्राइजेस की सिफारिश पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर विमर्श के बाद इसे तय करते हैं।
एनर्जी सिक्योरिटी के लिए भी मिली मंजूरी
उन्होंने आगे बताया कि भारत में पहली ऑफ शोर विंड एनर्जी का आज अप्रूवल हुआ है। कई देश इस टेक्नोलॉजी पर आगे बढ़ रहे हैं। पहला प्रोजेक्ट गुजरात में लगेगा जो 500 मेगावॉट का और दूसरा प्रोजेक्ट 500 मेगावॉट का तमिलनाडु में लगेगा। 7453 करोड़ रुपए की लागत इसकी लागत होगी। समुद्र के अंदर केबल लगेंगे और उन्हें पोर्ट पर लैंड करना पड़ता है। 2 पोर्ट में लैंडिग की व्यव्स्था की जाएगी।



