जीएसटी 2.0 लागू: रोजमर्रा की चीजें सस्ती, जानिए क्या-क्या हुआ टैक्स फ्री!
घी, पनीर, हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस से लेकर टीवी-AC तक – नई दरों से आम आदमी की जेब पर बड़ा असर

नई दिल्ली: आज से देशभर में नई जीएसटी दरें लागू हो गई हैं, और इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। नवरात्र के शुभ अवसर पर यह बदलाव बाजार में पहले से ज्यादा चहल-पहल और खरीदारी को बढ़ावा देगा।
नई दरों के अनुसार:
-
रोजमर्रा की चीजें टैक्स फ्री: दूध, ब्रेड, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप, शैंपू, बटर, घी, चीज़ और डेयरी स्प्रैड अब 5% स्लैब या जीरो जीएसटी में आ गए हैं।
-
इंश्योरेंस और हेल्थकेयर: लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस अब जीएसटी फ्री, जबकि थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, मेडिकल ऑक्सीजन और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी 5% हुआ।
-
एजुकेशन और एग्रीकल्चर: मैप, चार्ट, पेंसिल, किताबें, नोटबुक, इरेजर जैसी चीज़ें अब जीएसटी फ्री, ट्रैक्टर टायर और बायो कीटनाशक 5% स्लैब में।
-
इलेक्ट्रॉनिक्स और होम एप्लायंसेज़: टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, एसी और डिशवॉशर पर जीएसटी 28% से घटाकर 18%।
वहीं, लग्ज़री टैक्स में बढ़ोतरी भी हुई: बड़ी और लग्ज़री कारों, पान मसाला, सिगरेट और कैफीनयुक्त पेय पर अब 40% स्लैब लागू।
फाइनेंशियल एनालिस्ट का कहना है कि इससे औसत उपभोक्ता के मासिक व्यय के लगभग एक तिहाई हिस्से पर सीधा लाभ होगा, खासकर मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता बढ़ेगी। हालांकि सरकार को इस बदलाव से करीब 93,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा और 40% स्लैब से अतिरिक्त 45,000 करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘अगली पीढ़ी के सुधार’ बताते हुए कहा, “नवरात्रि का यह शुभ अवसर बहुत विशेष है। जीएसटी बचत उत्सव के साथ-साथ स्वदेशी के मंत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।”
इस नई प्रणाली से कर संहिता सरल होगी और धीमी पड़ती घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।



