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हाथरस मामला : सुप्रीम कोर्ट में 12 जुलाई को होगी सुनवाई, सत्संग में भगदड़ मचने से 123 लोगों की गई थीं जानें

Hathras Stampede. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के फुलरई गांव में भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मचने से 123 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इसके लिए 12 जुलाई की तारीख तय की गई है

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने इस मामले में दायर जनहित याचिका पर जल्‍द सुनवाई की मांग की. चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्‍होंने सुनवाई के लिए इस मामले को लिस्‍ट करने के आदेश दे दिया है. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं और एसआईटी ने 128 लोगों के बयान के साथ अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है. इसके बाद योगी सरकार ने एसडीएम, सीओ सहित 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

देश के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के सामने मामले का उल्लेख करने वाले वकील विशाल तिवारी को बताया गया कि सीजेआई ने पहले ही मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दे दिया है. याचिका में भगदड़ की घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में पांच सदस्यीय एक्सपर्ट कमिटी की नियुक्ति की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है, “भगदड़ की इस भयावह घटना से कई सवाल उठते हैं. इससे राज्य सरकार और नगर निगमों की जिम्मेदारी और चूक पर सवाल उठता है. निगरानी रखने के प्रयास में प्रशासन फेल हुआ और अधिकारी इस कार्यक्रम के लिए इकट्ठा हुई भीड़ को नियंत्रित करने में भी विफल रहा.”

याचिका में कोर्ट से उत्तर प्रदेश सरकार को हालात से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सुरक्षा से लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आदेश देने की अपील की गई है. इसके अलावा याचिका में राज्यों से बड़ी सभाओं के दौरान भगदड़ को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी अनुरोध किया गया है.

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