छत्तीसगढ़

जशपुर में मानव अधिकार आयोग की बड़ी पड़ताल! वृद्धाश्रम और नशामुक्ति केंद्र पहुंचकर सुभाष चन्द्र ने देखी अंदर की व्यवस्था

हितग्राहियों से की सीधी बातचीत, कहा — “नशे से दूरी और अनुशासित जीवन ही नई शुरुआत की असली राह”

National Human Rights Commission के विशेष प्रतिवेदक Subhash Chandra ने Jashpur जिले में संचालित वृद्धाश्रम और नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी काफी हलचल रही।

निरीक्षण के दौरान विशेष प्रतिवेदक ने केंद्रों में रह रहे हितग्राहियों से सीधे संवाद किया और उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि केंद्रों में रहने वाले लोगों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं और उनकी मानसिक व सामाजिक स्थिति कैसी है।

नशामुक्ति केंद्र में उपचाररत लोगों से बातचीत करते हुए सुभाष चन्द्र ने उन्हें नशे से दूर रहकर नई जिंदगी शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अनुशासित दिनचर्या, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच इंसान को फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।

उन्होंने हितग्राहियों को योग, इनडोर-आउटडोर गेम्स और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की सलाह भी दी। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और लोगों को समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने में मदद करती हैं।

निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने केंद्र में चल रही गतिविधियों, पुनर्वास कार्यक्रमों और हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वृद्धाश्रम और नशामुक्ति केंद्रों में मानव अधिकारों से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं और मानक सही तरीके से लागू हो रहे हैं या नहीं।

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