छत्तीसगढ़

NEET विवाद के बाद बड़ा फैसला! परीक्षा प्रणाली बदलने की तैयारी, CM विष्णुदेव साय ने केंद्र के कदम का किया स्वागत

NTA के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन, बोले CM साय- युवाओं की चिंता कर रही है केंद्र सरकार, अब पेपर लीक पर लगेगी लगाम

रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हाई पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है।

‘युवाओं की चिंता कर रही है केंद्र सरकार’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों और युवाओं की चिंता करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी।

PM मोदी ने किया था हाई पावर्ड टास्क फोर्स का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा की थी कि NTA की परीक्षा प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक मजबूत, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक मल्टीडिसिप्लिनरी हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता देश के प्रख्यात टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी करेंगे।

इस उच्चस्तरीय समिति में ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

परीक्षा प्रणाली में होंगे बड़े सुधार

यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाने, संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बन सकें।

ग्रामीण विकास पर भी मुख्यमंत्री का फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला पंचायत सीईओ की दो दिवसीय बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में गांवों के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व आईएएस एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार ने अधिकारियों का मार्गदर्शन किया है। उनके अनुभव और सुझाव ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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