IFS SS Bajaj appointed as Chairman नया रायपुर के शिल्पी बजाज की चार वर्ष बाद नवा रायपुर में वापसी, बनाए गए अटल नगर के चेयरमैन

रायपुर। नया रायपुर के शिल्पी कहे जाने वाले सेवानिवृत्त आईएफएस एसएस बजाज को सरकार ने वहां का चेयमैन बनाया है। नया रायपुर का निर्माण जब शुरु हुआ तब बजाज को वहां का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बनाया गया था। बाद में उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया था। तब का नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) अब नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण हो चुका है। 2018 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बजाज को सरकार की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। 2019 में सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। नया रायपुर को बनाने में बजाज की अहम भूमिका रही है। जमीन अधिग्रहण से लेकर रोड, मंत्रालय और विभागाध्यक्ष बिल्डिंग बनाने के दौरान बजाज ही सीईओ रहे।
एनआरडीए की प्लानिंग से लेकर बसाने तक बजाज
रायपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर नई राजधानी बसाने की योजना राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (काडा) अजीत जोगी की नेतृत्व वाली राज्य की पहली सरकार ने बनाई थी। हालांकि जोगी सरकार भूमिपूजन से आगे कुछ नहीं कर पाई, क्योंकि 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई। इसके बाद डॉ. रमन सिंह की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने नए सिरे से प्लानिंग शुरू की। कुछ फेरबदल के बाद करीब साढ़े 7 हजार हेक्टेयर में नया रायपुर बसाने का फैसला किया गया। इसकी जिम्मेदारी आईएफएस बजाज को सौंपी गई। यह काम बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि साढ़े 7 हजार हेक्टेयेर में से लगभग साढ़े 5 हजार हेक्टेयर जमीन निजी थी। इसमें कृषि भूमि के साथ ही 41 से अधिक गांव भी थे।
बजाज के एनआरडी के सीईओ रहते हुए ही नया रायपुर आकार ले चुका था। मंत्रालय, संचालनालय, जंगल सफारी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सहित अधिकांश महत्वपूर्ण भवन उन्हीं के कार्यकाल में बना। नवा रायपुर में करीब 245 किलो मीटर सड़क बनी है। इसमें से 150 किलो मीटर से अधिक का निर्माण बजाज के कार्यकाल में ही हो गया था। बजाज की गिनती बेहद ईमानदार अफसरों में होती है। बजाज के भाई मूलचंद बजाज आईपीएफ अफसर थे।


