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मन की बात : पीएम मोदी ने बिना मेहरम के महिलाओं के ‘हज’ के साथ किया सावन का जिक्र, कहा- बढ़ा भारत के तीर्थों का महत्व…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक बार फिर ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों से संवाद किया. कार्यक्रम के इस 103वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देशवासियों के असाधारण जज्बे की सराहना की तो वहीं दूसरी ओर हज से लेकर सावन के महीने तक का भी जिक्र किया.

पीएम मोदी ने बताया कि उन्हें उन मुस्लिम महिलाओं से बड़ी संख्या में पत्र मिले हैं, जो हाल ही में ‘हज’ पूरा करके लौटी हैं. इन महिलाओं ने बिना किसी पुरुष साथी या ‘मेहरम’ के हज किया. इनकी संख्या सिर्फ 50 या 100 नहीं बल्कि 4,000 से ज्यादा है. यह एक बहुत बड़ा बदलाव है, पहले मुस्लिम महिलाओं को बिना किसी ‘मेहरम’ के हज करने की अनुमति नहीं थी. इसके साथ ही उन्होंने मेहरम के बिना हज करने वाली मुस्लिम महिलाओं के लिए महिला समन्वयक नियुक्त करने के लिए सऊदी अरब सरकार को धन्यवाद दिया.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में सावन के पवित्र महीने का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के तीर्थों का महत्व बढ़ा है, और पूरी दुनिया से लोग इसे देखने आ रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, हमारे पर्व, हमारी परंपराएं हमें गतिशील बनाते हैं. उन्होंने बताया कि सावन के महीने में देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. पूरी दुनिया से भारत के तीर्थों में श्रद्धालु आ रहे हैं. मुझे पता चला है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया से दो दोस्त अमरनाथ यात्रा पर पर आए थे.

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण चिंता और परेशानी से भरे रहे हैं. यमुना जैसी कई नदियों में बाढ़ आने से कई जगहों पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं भी हुई हैं. हमने इनका मिलकर मुकाबला किया. पीएम ने कहा कि सर्वजन हिताय ही भारत की भावना और ताकत है.

पीएम मोदी ने इसके साथ ही बताया कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर अद्भुत क्रेज दिखा. अमेरिका ने हमें कुछ दुर्लभ कलाकृतियां वापस लौटाई हैं. इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इन कलाकृतियों को लेकर खूब चर्चा हुई. युवाओं में इन कलाकृतियों को लेकर गर्व का भाव दिखा. भारत लौटी ये कलाकृतियां ढाई हजार साल से लेकर ढाई सौ साल तक पुरानी है. पीएम मोदी ने इन कलाकृतियों को लौटाने के लिए अमेरिका का आभार भी जताया.

 

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