छत्तीसगढ़

रायपुर में ADEO परीक्षा में अव्यवस्था: गलत लोकेशन और लापरवाही से दर्जनों अभ्यर्थी हुए परीक्षा से वंचित

रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (Vyapam) द्वारा रविवार को आयोजित सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) परीक्षा में भारी अव्यवस्था सामने आई। रायपुर स्थित कोलंबिया कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र की गलत लोकेशन और प्रशासनिक लापरवाही के चलते दर्जनों अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके, और परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गए।

अभ्यर्थियों को झेलनी पड़ी परेशानी

परीक्षा में शामिल होने पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने बताया कि कोलंबिया कॉलेज शहर से काफी दूर आउटर इलाके में स्थित है, जहां तक पहुंचना काफी मुश्किल साबित हुआ। अभ्यर्थी रवि कुमार साहू ने बताया, “रविवार को शहर के कॉलेज बंद रहते हैं, ऐसे में परीक्षा केंद्र शहर के भीतर क्यों नहीं बनाए गए, जब सारी सुविधाएं वहां उपलब्ध थीं?”

गूगल मैप ने भी बढ़ाई मुश्किल

अभ्यर्थियों का आरोप है कि कोलंबिया कॉलेज की सही लोकेशन गूगल मैप पर नहीं दिखाई दे रही थी। कई उम्मीदवार एक-एक घंटे तक भटकते रहे, और जब वे किसी तरह कॉलेज कैंपस पहुंचे, तो रिपोर्टिंग समय (सुबह 10 बजे) में चंद मिनट की देरी होने पर उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया।

‘किसी ने बात नहीं सुनी’

कई छात्रों ने बताया कि वे 9:55 बजे तक केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन परीक्षा केंद्र प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी। छात्र गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्हें गेट के अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और एक महत्वपूर्ण अवसर उनसे छिन गया।

प्रबंधन पर लगे लापरवाही के आरोप

अभ्यर्थियों ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल और परीक्षा केंद्र प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सही जानकारी और समुचित दिशा-निर्देश न होने के कारण कई बेरोजगार युवा इस परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया।

जांच और दोबारा परीक्षा की मांग

अब अभ्यर्थियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की अपील भी की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनका एक वर्ष व्यर्थ न जाए।

यह मामला न केवल परीक्षा प्रबंधन की संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ किस तरह लापरवाही बरती जा रही है।

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