Indian railway winter scheme: रेलवे में चादर नहीं, मिलेगी रजाई!.. यात्रियों को सर्दियों से बचाने रेलवे शुरु कर रही ये सुविधा, आप भी जानें
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मुंबई। भारतीय रेलवे के द्वारा यात्रियों के लिए समय-समय पर कई नई सर्विस की शुरुआत की जाती है। ऐसे ही सर्दियों के मौसम में यात्रियों को ज्यादा आराम देने के इरादे से रेलवे द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाली लंबी-चौड़ी चादर और कंबल देने की शुरुआत की जा रही है।
भारतीय रेलवे अब हर ट्रिप के बाद चादरों और कंबलों की यूवी सेनेटाइजेशन करने वाले हैं। चादरों की सफाई के बारे में उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि यात्रियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लीनन को हर इस्तेमाल के बाद साफ़ करने की तैयारी की जा रही है।
जहां लिनन की सफाई की जाती है वहां की भी निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से रखी जाती है ताकि किसी प्रकार की धांधली नहीं हो। इतना ही नहीं अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर उस स्थान पर जाकर आकस्मिक निरीक्षण करना भी प्रक्रिया में शामिल हैं। चादरों को साफ़ करने के बाद जब सफेदी मीटर से जांच की जाती है। इसके बाद उन्हें ट्रेनों में यात्रियों के इस्तेमाल के लिए भेज दिया जाता है।
उत्तर रेलवे द्वारा लेनिन की सफाई के लिए 15 दिन की अवधि में नेफ्थलीन वेपर हॉट एयर क्रिस्टलाइजेशन का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी जगह जहां लॉजिस्टिक परेशानी होती है वहां महीने में एक बार इनकी सफाई होती है। गुणवत्ता में सुधार के लिए भारतीय रेलवे के द्वारा कई ट्रेनों में इन नए लीनन के इस्तेमाल करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं. इन ट्रेनों में तेजस, राजधानी जैसी ट्रेनें शामिल हैं। भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों के लिए लाए गए ये नए लीनन का फेब्रिक ही अच्छा नहीं है बल्कि ये आकार में भी बड़े हैं और इनकी गुणत्ता भी बेहतर है। जिसके कारण यात्रियों को अच्छा अनुभव प्राप्त हो सकता है।
