8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 33 जिलों में खुलेंगे उद्यमिता केंद्र; छत्तीसगढ़ में रोजगार को लेकर सरकार का बड़ा प्लान
अंबिकापुर में ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ, CM साय बोले- रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति से खुल रहे निवेश के नए द्वार; स्टार्टअप मिशन के लिए 5 साल में 500 करोड़ का प्रावधान

रायपुर/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को लेकर राज्य सरकार ने कई अहम पहल की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश को अब तक करीब 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीति, स्टार्टअप, निर्यात, युवाओं और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
2024-30 की औद्योगिक नीति में रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की बात कही गई।
स्टार्टअप मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इन पहलों के जरिए युवाओं को नई तकनीक, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों और मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश-दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ना है।
सरकार के मुताबिक इससे स्थानीय उद्यमियों को नए बाजार उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ के उत्पादों की व्यापक पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
सरगुजा में इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से इन क्षेत्रों में निवेश से जुड़ने और अपने अनुभव के जरिए युवाओं व छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
युवाओं से कहा- सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें
मुख्यमंत्री ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि बदलते दौर में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का बड़ा संसार है। युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता अपनाने के साथ अपने सामाजिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे स्वयं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रखें, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के जरिए खुद आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।
महिलाओं की भागीदारी को बताया अहम
अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब परिवार की जिम्मेदारियों के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में भी अपनी नेतृत्व क्षमता दिखा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा दे रही है।
ट्रेड फेयर का शुभारंभ, ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर उद्यमियों से उनके उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन भी किया।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की परंपरा की सराहना की। उन्होंने महाराजा अग्रसेन के सामाजिक समानता, सहयोग, करुणा और सहभागिता के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के लिए अग्रवाल समाज द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।
‘दशम अग्र अलंकरण’ से प्रतिभाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने सम्मानित होने वाली विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और देशभर से आए अग्रवाल समाज के पदाधिकारी एवं समाजसेवी मौजूद रहे।

