Smart Meter सही काम कर रहा है या दे रहा है गलत रीडिंग? 4 आसान तरीकों से घर बैठे ऐसे करें जांच

नई दिल्ली: देश के कई घरों में अब बिजली की खपत और बिलिंग को आसान बनाने के लिए Smart Meter लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों में बिजली की खपत की रीडिंग डिजिटल तरीके से दर्ज होती है और कई जगह उपभोक्ताओं को ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी बिजली खपत और बिल की जानकारी देखने की सुविधा भी मिलती है।
लेकिन अगर अचानक बिजली की खपत बहुत ज्यादा दिखाई देने लगे, ऐप पर डेटा अपडेट न हो या मीटर का डिस्प्ले ठीक से काम न करे तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि मीटर सही है या खराब?
मीटर में खराबी मान लेने से पहले आप कुछ आसान तरीकों से इसकी शुरुआती जांच कर सकते हैं।
1. सबसे पहले Smart Meter का डिस्प्ले देखें
अगर आपको लगता है कि मीटर ठीक से काम नहीं कर रहा है तो सबसे पहले उसकी स्क्रीन चेक करें।
सामान्य स्थिति में मीटर के डिस्प्ले पर बिजली की खपत, यूनिट और दूसरी जरूरी जानकारी दिखाई देती है। अगर स्क्रीन पूरी तरह बंद है, रीडिंग बार-बार गायब हो रही है या डिस्प्ले असामान्य तरीके से काम कर रहा है तो मीटर में समस्या हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ डिस्प्ले देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मीटर खराब है। कई बार बिजली सप्लाई, नेटवर्क या कम्युनिकेशन की समस्या के कारण भी डेटा या स्क्रीन में दिक्कत आ सकती है।
2. बिजली की खपत अचानक बढ़ी तो मीटर को दोष न दें
अगर पहले के मुकाबले अचानक बिजली की यूनिट काफी ज्यादा आने लगी है तो इसका मतलब जरूरी नहीं कि Smart Meter खराब हो गया है।
सबसे पहले घर में इस्तेमाल होने वाले बिजली उपकरणों की जांच करें। AC, गीजर, हीटर, पानी की मोटर, फ्रिज जैसे उपकरण सामान्य बल्ब या पंखे की तुलना में ज्यादा बिजली खपत कर सकते हैं।
कुछ समय के लिए गैर-जरूरी उपकरण बंद करके मीटर की रीडिंग पर नजर रखें। अगर घर का लोड काफी कम होने के बावजूद मीटर असामान्य तरीके से बिजली की खपत बढ़ाता हुआ दिखे, तो बिजली विभाग से मीटर की जांच कराने की जरूरत हो सकती है।
3. ऐसे कर सकते हैं शुरुआती Load Test
आप घर पर एक सामान्य और सुरक्षित लोड टेस्ट भी कर सकते हैं। इसके लिए पहले घर में चल रहे ज्यादातर बिजली उपकरण बंद कर दें और मीटर की रीडिंग देखें।
इसके बाद किसी ऐसे उपकरण को कुछ समय के लिए चालू करें जिसकी बिजली खपत का आपको अंदाजा हो, जैसे बल्ब या पंखा। उपकरण चालू करने के बाद मीटर की यूनिट या इंस्टेंट पावर संबंधी जानकारी में बदलाव दिखाई देना चाहिए।
यह सिर्फ शुरुआती जांच है। इससे मीटर के पूरी तरह सही या खराब होने की पुष्टि नहीं होती।
ध्यान रखें: मीटर का कवर खोलने, वायरिंग से छेड़छाड़ करने या खुद किसी तरह की मरम्मत करने की कोशिश बिल्कुल न करें। इससे सुरक्षा का खतरा होने के साथ मीटर से छेड़छाड़ का मामला भी बन सकता है।
4. Smart Meter ऐप या पोर्टल पर भी देखें डेटा
अगर आपके बिजली विभाग ने Smart Meter के साथ मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा दी है तो वहां अपनी बिजली खपत का डेटा चेक करें।
मीटर पर दिखाई दे रही जानकारी और ऐप में दर्ज खपत के बीच अगर बहुत ज्यादा अंतर दिखाई देता है तो बिजली विभाग से संपर्क करना बेहतर है।
हालांकि, ऐप में डेटा तुरंत अपडेट न होने का मतलब भी मीटर खराब होना नहीं है। कई बार नेटवर्क, सर्वर या कम्युनिकेशन की समस्या के कारण खपत का डेटा देर से अपडेट होता है।
मीटर खराब होने का शक हो तो क्या करें?
अगर डिस्प्ले लगातार खराब है, रीडिंग असामान्य तरीके से बढ़ रही है या मीटर और ऐप के डेटा में लगातार बड़ा अंतर बना हुआ है, तो खुद मीटर से छेड़छाड़ करने के बजाय अपने बिजली वितरण कंपनी/विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
बिजली विभाग के कर्मचारी मीटर, कनेक्शन और रिकॉर्ड की जांच करके यह पता लगा सकते हैं कि समस्या मीटर में है, घर की वायरिंग में है या फिर रीडिंग/डेटा अपडेट से जुड़ी किसी तकनीकी परेशानी के कारण ऐसा हो रहा है।
इसलिए सिर्फ बढ़े हुए बिल को देखकर तुरंत Smart Meter को खराब मान लेना सही नहीं है। पहले बिजली की खपत, घर के उपकरण और ऐप पर उपलब्ध डेटा की तुलना करें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत विभाग से मीटर की जांच कराएं।


