छत्तीसगढ़

जांजगीर चांपा: जुआरी और सटोरिए हो जाएं सावधान : छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की कार्रवाई शुरू, इस जिले में हुई पहली कार्रवाई, जानिए क्या है प्रावधान…

जांजगीर चांपा. जिले की पुलिस ने सटोरियों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया है. सटोरियों और जुआरियों पर लगाम लगाने छत्तीसगढ़ सरकार ने जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 लागू किया है, जिसकी जांजगीर जिले में पहली कार्रवाई आज देखने को मिली.

जांजगीर पुलिस ने बताया कि 12 अप्रैल को सूचना मिली कि ग्राम बिरगहनी निवासी लक्ष्मीनारायण उर्फ राजू बंजारे जर्वे रोड के पास बैठकर राजस्थान रायल्स व चेन्नई सुपर किंग के क्रिकेट मैच में पैसे का दाव लगाकर आॅनलाइन सट्टा खिला रहा है. इस पर थाना जांजगीर स्टाफ ने गवाहों को लेकर मौके पर दबिश दी, जहां लक्ष्मीनारायण उर्फ राजू बंजारे आनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते मिला.

आरोपी के कब्जे से नगदी रकम 950 रुपए एवं एक मोबाइल रुपए जब्त किया गया. आरोपी लक्ष्मी नारायण ऊर्फ राजू बंजारे निवासी बिरगहनी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया.

जानिए पहले और अब की कार्यवाही में अंतर

आपको बता दें कि जुआ सट्टा को लेकर पहले कोई कड़ी कार्यवाही का प्रावधान नहीं था, जिसके चलते जुआरियों और सटोरियों का मनोबल काफी बढ़ चुका है. पहले ताशपत्ती खेलते पकड़े जाने पर 13 जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही होती थी, जो जमानतीय धारा होने की वजह से थाने से ही मुचलका जमानत पर छोड़ दिया जाता था. इसी प्रकार सट्टा ऑनलाइन जुआ में भी धारा 3,4 जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही होती थी. ये भी जमानतीय थी, थाने से आरोपी छूट जाते थे और लोकल कोर्ट में 100 से 500 रुपए जुर्माना पटाकर बच जाते थे, लेकिन नए जुआ प्रतिषेध अधिनियम में जुआरियों और सटोरियों को जेल की हवा खानी पड़ेगी, क्योंकि छग जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के धारा 7 में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले आरोपियों का प्रथम अपराध सिद्ध होते ही उसे कम से कम 1 वर्ष से 3 वर्ष तक का कारावास एवं 50 हजार से 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है. इसी प्रकार ऑफलाइन जुआ सट्टा पट्टी मटका वालों पर धारा 6 के तहत प्रथम अपराध सिद्ध होते ही कम से कम 6 माह से 3 साल तक का कारावास एवं 10 हजार से 1 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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