छत्तीसगढ़

सालों तक चार दीवारों में कैद रही खोमीन… फिर एक शिविर ने बदल दी पूरी जिंदगी

मानपुर। कभी घर से बाहर निकलना भी जिनके लिए सबसे बड़ी चुनौती था, आज वही खोमीन कल्लो आत्मविश्वास के साथ अपनी राह खुद तय कर रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के हांडीटोला गांव की रहने वाली 30 वर्षीय दिव्यांग महिला की जिंदगी में ऐसा बदलाव आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है।

बौनापन (शॉर्ट स्टेचर) और 40 प्रतिशत दिव्यांगता से जूझ रही खोमीन कल्लो वर्षों से रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों पर निर्भर थीं। घर से बाहर निकलना, जरूरी सामान लाना या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना उनके लिए किसी संघर्ष से कम नहीं था। लेकिन “सुशासन तिहार 2026” के दौरान लगा एक जनसमस्या निवारण शिविर उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी लेकर आया।

ग्राम पंचायत हांडीटोला में आयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग ने खोमीन को ट्राइसाइकिल प्रदान की। यह सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि उनके लिए आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत साबित हुआ। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद अब वे बिना किसी सहारे आसपास आसानी से आ-जा रही हैं और अपने छोटे-बड़े काम खुद करने लगी हैं।

खोमीन भावुक होकर कहती हैं कि पहले हर छोटे काम के लिए किसी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब जिंदगी बदलती हुई महसूस हो रही है। उनके चेहरे पर लौटी मुस्कान यह साबित कर रही है कि समय पर मिली मदद किसी इंसान की पूरी दुनिया बदल सकती है।

उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए नई जिंदगी जैसी है। अब वे पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और खुश महसूस कर रही हैं।

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