लोरमी: बच्चों का भविष्य खिलौना है क्या ? प्रभारी प्राचार्य की मनमानी, 2 शिक्षक के भरोसे 122 बच्चों की पढ़ाई, मूलभूत सुविधा के नाम पर गंदगी, धरने पर बैठीं छात्राएं

लोरमी. एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर तमाम प्रयास के साथ करोड़ों रुपए खर्च कर रही है. वहीं दूसरी तरफ मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत साल्हेघोरी हाईस्कूल के छात्राओं की तस्वीर सामने आई है. जहां छात्राएं शिक्षक की कमी और प्रभारी प्राचार्य सिद्धराम की मनमानी से त्रस्त होकर तत्काल प्रभारी प्राचार्य को हटाते हुए अन्य शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर साल्हेघोरी-खुड़िया मार्ग में चक्काजाम कर दिया है.
वहीं इसको लेकर परिजनों के अलावा छात्राएं सहित जनप्रतिनिधियों के द्वारा कई दफा विभागीय अधिकारियों को शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर आक्रोशित छात्राएं चक्काजाम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, साल्हेघोरी हाईस्कूल जिसे 2011 में शुरूआत किया गया था. जहां केवल दो शिक्षक के भरोसे 122 बच्चों की पढ़ाई हो रही है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि, बच्चों के भविष्य के साथ किस तरीके से विभागीय अधिकारियों के द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है. छात्राओं का यह भी और स्कूल परिसर में चारों तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आता है.
दरअसल, स्कूल के नाम पर भवन तो बना दिया गया लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी पढ़ने वाले छात्राएं तरस रहे हैं. वहां सफाई कर्मी से लेकर तमाम अन्य पदों पर नियुक्ति ही नहीं हुई है. केवल दो शिक्षक के भरोसे हाईस्कूल में 9वीं और दसवीं के छात्राएं पढ़ने को मजबूर हैं. बहरहाल देखना होगा इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कब तक छात्राओं की मांग पर कार्रवाई की जाएगी.


