छत्तीसगढ़

मुंबई में BOCW का बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, निर्माण श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर बनेगी नई रणनीति

दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के श्रमिकों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य पर मंथन, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने साझा कीं कल्याणकारी योजनाएं और नई पहल

रायपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को मजबूत करने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन में केंद्र और विभिन्न राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव हिम शिखर गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल

राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की ओर से भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह और मंडल सचिव गिरीश रामटेके प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों की ओर से श्रमिकों के हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, बेहतर कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों की जानकारी साझा की जा रही है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाना है। इसके लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पहुंच और पारदर्शिता को बेहतर बनाने को लेकर चर्चा की जा रही है।

साथ ही अलग-अलग राज्यों में किए जा रहे कार्यों के अनुभवों को साझा करते हुए भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

श्रमिकों के बेहतर भविष्य की दिशा में अहम पहल

राष्ट्रीय सम्मेलन को देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुलभ और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में होने वाली चर्चा और राज्यों के अनुभवों से आने वाले समय में BOCW श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करने की दिशा में नई पहल सामने आने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button