IPS अफसर पर गिरी गाज… एक वायरल कृत्य ने छीनी कुर्सी, सरकार ने तत्काल किया सस्पेंड
पद का दुरुपयोग और आचरण पर सवाल, सोशल मीडिया पर फैले मामले ने बढ़ाया दबाव, अब विभागीय जांच तय

रायपुर से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां साय सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में उनके आचरण को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
जारी आदेश के अनुसार, अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया और अशोभनीय तथा नैतिकता के प्रतिकूल आचरण प्रदर्शित किया। इतना ही नहीं, उन पर अपने पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रथम दृष्टया यह कृत्य अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के कई प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है।
मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ गई कि संबंधित घटना इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे आम जनता के बीच पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे। सरकार ने इसे गंभीर मानते हुए साफ किया है कि इस पूरे मामले के लिए अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार प्रतीत होते हैं और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के तहत रतन लाल डांगी को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकार अब प्रशासनिक स्तर पर अनुशासन और छवि को लेकर सख्त रुख अपना रही है। वहीं, अब सभी की नजर आगामी जांच पर टिकी है, जिसमें इस पूरे मामले के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


