MP Dhiraj Sahu Latest News: ‘कैश किंग’ धीरज साहू के पास से अब तक 351 करोड़ रुपए मिले, 200 अधिकारियों ने दिन रात एक कर की नोटों की गिनती, सामने आया वीडियो

भुवनेश्वर: MP Dhiraj Sahu Latest News कैश किंग कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिली नोटों की गिनती लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि अभी तक धीरज साहू के ठिकानों ने 351 करोड़ रुपए मिले हैं। आयकर की टीम ने पांच दिन पहले झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 9 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। इस दौरान आयकर अधिकारियों को कुल 176 बैग में नकदी और आलमारियों में भारी मात्रा में नोटों का बंडल जब्त किया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर अब धीरज साहू के घर नोटों का बंडल गिनते ही अधिकारियों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
MP Dhiraj Sahu Latest News मामले की जानकारी देते हुए रविवार देर शाम भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक भगत बेहरा ने बताया कि उन्हें गिनती के लिए 176 बैग में नकदी मिली थी। कैश की गिनती के काम में आयकर विभाग और विभिन्न बैंकों की लगभग 80 अधिकारियों की 9 टीमें जुटी थीं। इन्होंने 24 घंटे की शिफ्ट में काम किया। सुरक्षा कर्मियों, ड्राइवरों और अन्य कर्मचारियों समेत 200 अधिकारियों की एक और टीम तब शामिल हुई जब कर अधिकारियों को कुछ अन्य स्थानों के अलावा नकदी से भरी 10 अलमारियां मिलीं। 40 मशीनों के जरिए कैश की गिनती की गई है। बेहरा ने कहा, सोमवार से सामान्य बैंकिंग कामकाज शुरू होंगे। ऐसे में मशीनों को भी बैंकों को वापस करना होगा।
भगत बेहरा की मानें तो छापेमार कार्रवाई पूरी होने के बाद आज आयकर विभाग के अधिकारी पूरी जानकारी साझा कर सकते हैं। आयकर विभाग के अधिकारी कितने करोड़ रुपए की रिकवरी हुई, कितनी अवैध संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए इन सभी चीजों की जानकारी देंगे। आयकर विभाग की जांच टीम ने मामले के संबंध में कंपनी के विभिन्न अधिकारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
ज्ञात हो कि कथित तौर पर धीरज साहू का परिवार एक प्रमुख शराब निर्माण कारोबार में शामिल है और वो ओडिशा में ऐसी कई फैक्ट्रियों का मालिक है। इस बीच, भारी मात्रा में कैश बरामद होने के बाद कांग्रेस ने धीरज साहू से दूरी बना ली है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, सांसद धीरज साहू के बिजनेस से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ वही बता सकते हैं और उन्हें यह स्पष्ट करना भी चाहिए कि कैसे आयकर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया जा रहा है।




