छत्तीसगढ़

अब 13 नहीं, 15 को बस्तर आएंगे गृहमंत्री अमित शाह , 16 को रायपुर में लेंगे बैठक

रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब छत्तीसगढ़ के दौरे पर 13 नहीं, बल्कि 15 दिसंबर को आएंगे। वे रायपुर आने के बाद बस्तर जाएंगे। वहां पर बस्तर ओलंपिक और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान नक्सल मामलों की जानकारी भी लेंगे। अगले दिन 16 दिसंबर को उनका रायपुर का कार्यक्रम है। यहां पर वे बैठक लेंगे। खबर है, 16 की रात तक वे वापस लौट जाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अरुण साव ने एक दिन पहले ही उनके दिल्ली में मुलाकात करके छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया है। यहां यह बताना लाजिमी है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को दो साल में हर हाल में समाप्त करने का ऐलान किया है। इसके बाद से ही लगातार नक्सलियों के खिलाफ प्रदेश सरकार एक्शन ले रही है। पिछले छत्तीसगढ़ प्रवास में ही केंद्रीय मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ रायपुर में बड़ी रणनीति बनाई थी। अब फिर से उनका दौरा हो रहा है। इस दौरे में वे रायपुर में होने वाली बैठक में नक्सलवाद को लेकर चर्चा करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने छत्तीसगढ़ प्रवास में मुख्य रूप से बस्तर के दौरे पर रहेंगे। वहां पर जहां बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में शामिल होंगे, वहीं वे पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। दिल्ली दौरे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री से की मुलाकात कर उन्हें छत्तीसगढ़ दौरे के लिए आमंत्रित किया। पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यहां पर 13 दिसंबर की रात को आने वाले थे और 14 को उनका बस्तर का दौरा और 15 दिसंबर को रायपुर का कार्यक्रम था। लेकिन अब यह दौरा आगे बढ़ गया है।

नक्सलियों के खिलाफ एक्शन की दी जानकारी
मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों से केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बताया, सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है।

बस्तर ओलंपिक से कराया अवगत
मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया, यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया, बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वालीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है।

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