छत्तीसगढ़

अब हर महीने होगी अफसरों की ‘क्लास’! CM साय ने लॉन्च किया PARAS Portal, लापरवाही पर सख्त चेतावनी

सीएम हेल्पलाइन, एग्रीस्टैक, सेवा सेतु और ग्रामीण योजनाओं की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग, हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश।

 

Raipur:

छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में PARAS (Project Assessment, Review and Analysis System) Portal की पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शासन की हर योजना का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए अब हर महीने के अंतिम मंगलवार को PARAS पोर्टल के माध्यम से सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

सीमांकन मामलों में लापरवाही पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में लंबित सीमांकन मामलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आदेश के बाद भी कई मामलों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सीमांकन से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हर किसान का एग्रीस्टैक में हो पंजीयन

मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल धान खरीदी नहीं, बल्कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है।

उन्होंने चेतावनी दी कि किसी अधिकारी की लापरवाही से यदि कोई पात्र किसान योजना से वंचित होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

CM हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने पर जोर

बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1076 की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1.10 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से ज्यादा शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

सेवा सेतु और ग्राम पंचायतों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल से अभी 27 विभागों की 721 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने बाकी सेवाओं को भी जल्द ऑनलाइन जोड़ने के निर्देश दिए ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

साथ ही विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य शुरू करने को कहा।

मोबाइल टॉवर, स्कूल और पोषण योजनाओं की समीक्षा

बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में 476 मोबाइल टॉवर लगाने की प्रगति, स्कूलों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन, सहजन और कटहल जैसे पौधे लगाने तथा बच्चों को पोषणयुक्त भोजन के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।

हर महीने होगी राज्यस्तरीय समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि PARAS Portal शासन की योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती देगा। अब हर महीने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे और विकास कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।

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