हिंसा के बाद पहली बार पीएम मोदी मणिपुर पहुंचे, बीते 28 महीनों में ऐसे बदलते रहे हालात

चुराचांदपुर वही ज़िला है जो हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 250 से अधिक लोगों की जान गई और हज़ारों लोग विस्थापित हुए.
मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली मणिपुर यात्रा है. विपक्ष लगातार इस बात पर सवाल उठाता रहा है कि इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए.
पिछले 28 महीनों से राज्य उथल-पुथल और राजनीतिक गतिरोध से गुज़र रहा है. ऐसे में जानते हैं कि 2023 से अब तक मणिपुर में क्या-क्या हुआ?
मई 2023: मणिपुर में हिंसा भड़की
ARUN SANKAR/AFP via Getty Imagesहिंसा के बाद आज भी बहुत से लोग राहत शिविरों में या मिज़ोरम जैसे पड़ोसी राज्यों में शरण लिए हुए हैं27 मार्च 2023 को मणिपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने पर जल्दी विचार करने के लिए कहा था.
इसके कुछ ही दिन बाद, 3 मई 2023 को कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क गई.
इस हिंसा में कई लोगों की जान गई. ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर की तरफ़ से आयोजित रैली हिंसक हो गई और हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने “शूट ऐट साइट” का आदेश जारी कर दिया.
राज्य के अधिकतर जिलों में कर्फ़्यू लगा, सेना और असम राइफ़ल्स को उतारना पड़ा. इस संघर्ष की जड़ मैतेई को एसटी दर्जा देने की मांग थी, जिसका विरोध कुकी समुदाय कर रहा था.
फ़रवरी 2024 में हाई कोर्ट ने अपने आदेश से मैतेई के लिए एसटी दर्जा देने का अंश हटा दिया.
हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान हुआ और हज़ारों लोग बेघर हो गए.
आज भी बहुत से लोग राहत शिविरों में या मिज़ोरम जैसे पड़ोसी राज्यों में शरण लिए हुए हैं. सरकार के अनुसार इस संघर्ष में 250 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं.
मई 2023: अमित शाह का दौरा और बीरेन सिंह का दावा
गृहमंत्री अमित शाह के स्वागत पोस्टर के साथ कुकी समुदाय की महिलाएंहिंसा के कुछ ही हफ़्तों बाद, मई के अंत में गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर पहुंचे.
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दावा किया कि हालात नियंत्रण में हैं और लगभग 20 हज़ार लोगों को सुरक्षित शिविरों में ले जाया गया है.
शाह ने विभिन्न समुदायों और राजनीतिक दलों से बातचीत की और कहा कि “शांति बहाल करना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है.”
उन्होंने अधिकारियों को हिंसा फैलाने वालों पर सख़्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
जुलाई 2023: दो महिलाओं का वीडियो आया सामने
मणिपुर में दो महिलाओं के निर्वस्त्र कर परेड निकालने के मामले में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर महिलाओं ने हमला किया और तोड़फोड़ की19 जुलाई 2023 को एक वीडियो ने पूरे देश को झकझोर दिया. इसमें कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराते और उन्हें प्रताड़ित करते दिखाया गया.
पुलिस ने पुष्टि की कि यह घटना 4 मई को थोबल ज़िले में हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार मणिपुर की घटनाओं पर सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि उनका “हृदय पीड़ा से भरा हुआ है” और “दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.”
इस घटना के बाद राज्य सरकार की चौतरफ़ा आलोचना हुई और क़ानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे.
इसी दौरान, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने भी चिंता जताई.
उन्होंने कहा, “मणिपुर में जो हो रहा है उसमें विदेशी एजेंसियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता. सीमावर्ती राज्यों में अस्थिरता देश की समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं है.”
जनवरी 2024: फिर हिंसा, राहुल गांधी की यात्रा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की शुरुआत मणिपुर से की थीजनवरी 2024 में 48 घंटे में अलग-अलग जगह पर हुई हिंसक घटनाओं में पाँच नागरिक और दो सुरक्षाकर्मी मारे गए थे.
इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की शुरुआत मणिपुर से की.
इम्फाल के पास थौबल में रैली के दौरान उन्होंने कहा, “मणिपुर जिस दर्द से गुज़रा है, हम उस दर्द को समझते हैं.”
उन्होंने कहा, “हम वादा करते हैं कि उस शांति, प्यार, एकता को वापस लाएंगे, जिसके लिए ये राज्य हमेशा जाना जाता है.”
अप्रैल 2024: पीएम मोदी ने की मणिपुर की बात
लोकसभा चुनाव 2024 के एलान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर मणिपुर के मुद्दे पर बात की.
पीएम मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार के समय रहते दख़ल देने और राज्य सरकार की कोशिशों के कारण मणिपुर के हालात में सुधार आया.
प्रधानमंत्री मोदी ने “द असम ट्रिब्यून” को उस वक़्त इंटरव्यू भी दिया था.
इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि हालात से संवेदनशीलता के साथ निपटना सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है. हमने अपने सबसे अच्छे संसाधनों और प्रशासन को इस संघर्ष को सुलझाने में लगाया हुआ है.”
अप्रैल 2024: ब्रिटेन की संसद में उठा मुद्दा
तत्कालीन विदेश मंत्री डेविड कैमरनअप्रैल 2024 में ब्रिटेन की संसद में भी ‘मणिपुर और भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की मौजूदा स्थिति’ का मुद्दा उठाया गया.
विंचेस्टर के लॉर्ड बिशप के एक सवाल के जवाब में ब्रिटेन के उस वक़्त के विदेश मंत्री डेविड कैमरन ने हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपने संविधान के ज़रिये धार्मिक स्वतंत्रता और विश्वास के लिए प्रतिबद्ध है.
विदेश मंत्रालय और राष्ट्रमंडल देशों से संबंधित विभाग की ज़िम्मेदारी संभाल रहे डेविड कैमरन ने कहा, “इस संबंध में कोई ख़ास मुद्दा या चिंता पैदा होती है तो ब्रिटेन की सरकार निस्संदेह भारत सरकार के सामने ये मुद्दे उठाती है.”
सितंबर 2024: ड्रोन से हमला और झड़पें
1 सितंबर 2024 को इम्फाल ज़िले में फिर हिंसा भड़क गई. एक महिला समेत दो लोग मारे गए और नौ घायल हुए.
पुलिस का दावा था कि हमलावरों ने ड्रोन से हमला किया.
राज्य में इससे पहले के चार महीने से हिंसा की केवल छिटपुट घटनाएं हो रही थीं.
इस घटना के एक हफ़्ते बाद जिरीबाम ज़िले में झड़प हुई जिसमें चार संदिग्ध कुकी उग्रवादी और एक नागरिक मारे गए. यह हिंसा मैतेई समुदाय के एक बुज़ुर्ग की हत्या के बाद भड़की थी.



