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राजस्थान: 75 कमरे, 61 छात्र… कोटा के हॉस्टल में लगी भीषण आग, छत से कूदने लगे स्टूडेंट्स, कई झुलसे

राजस्थान (Rajasthan) के कोटा में रविवार सुबह लड़कों के हॉस्टल में भीषण बिल्डिंग आग लग गई, जिसमें आठ छात्र घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी.

कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक (SP) अमृता दुहन ने बताया कि यह घटना कुन्हारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लैंडमार्क सिटी में सुबह करीब 6.15 बजे हुई.

एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने कहा कि जांच के मुताबिक पांच मंजिला छात्रावास मंजिल के ग्राउंड फ्लोर पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी. हालांकि, फॉरेंसिक टीम घटना के सही कारण का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

कोटा नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने कहा कि छात्रावास भवन अग्नि सुरक्षा उपायों से सुसज्जित नहीं था और उसके पास फायर एनओसी भी नहीं थी. यह चिंताजनक है कि ट्रांसफार्मर छात्रावास मंजिल के अंदर रखा गया था.

आग से झुलसे छात्र

पुलिस ने कहा कि गंभीर रूप से झुलसे एक छात्र सहित छह घायल छात्रों का महाराव भीम सिंह (MBS) हॉस्पिटल में प्राथमिक चिकित्सा उपचार चल रहा है. उन्होंने बताया कि आग से बचने के लिए 14 अन्य लोगों के साथ इमारत की पहली मंजिल से कूदने के बाद एक छात्र के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जिसका इलाज एक प्राइवेट हॉस्पिटल में किया जा रहा है.

इमारत में रहने वाले बिहार के छिंदवाड़ा के NEET अभ्यर्थी भविष्य (Bhavishya) भी इस घटना में घायल हो गए. उन्होंने बताया कि सुबह करीब 6.15 बजे तेज आवाज से उनकी नींद खुल गई और जब वह अपने कमरे से बाहर आए तो उन्होंने हर तरफ घना धुआं-धुआं देखा. उन्होंने कहा कि छात्रों ने पहली मंजिल से कूदने का फैसला किया क्योंकि सीढ़ियों के रास्ते में धुआं भरा हुआ था और इमारत से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था.

वक्त पर बुझाई गई आग

एसपी दुहान ने बताया कि इमारत में 75 कमरे थे, जिनमें से 61 पर स्टूडेंट्स रहते थे. उन्होंने बताया कि दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर पहुंच गईं और आग को ऊपरी मंजिलों तक फैलने से पहले ही बुझा दिया.

कुन्हारी पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर अरविंद भारद्वाज ने कहा कि सभी छात्रों को इमारत से बचा लिया गया है. उन्होंने कहा कि छात्रों के माता-पिता से संपर्क किया जा रहा है, जिससे उन्हें आश्वस्त किया जा सके कि उनके बच्चे सुरक्षित हैं.

भारद्वाज ने कहा कि ज्यादातर स्टूडेंट्स बचाए जाने के दौरान अपने मोबाइल फोन नहीं ले जा सकते थे, इसलिए छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक हेल्पडेस्क भी शुरू किया जा रहा है. इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.

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