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Republic Day 2025: लखपति दीदी पहल से बैंकिंग सेवाओं तक दिखी देश के विकास की झलक, क्या रहा गणतंत्र दिवस पर खास

Republic Day 2025: संविधान लागू होने के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए देश ने 76वां गणतंत्र दिवस नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर एक भव्य परेड के साथ मनाया। यह समारोह न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव था।

बल्कि इसमें विकास और समावेशिता की भावना भी झलक रही थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी दी गई। इस वर्ष समारोह की गरिमा को बढ़ाने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जो भारत के वैश्विक संबंधों और मजबूत कूटनीतिक नीतियों का प्रतीक है।

झांकियों में दिखी महिला सशक्तिकरण और विकास की झलक

समारोह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय की झाकियां भी प्रस्तुत की गई। जिनमें लखपति दीदी पहल पर केंद्रित इस झांकी ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को दर्शाया। झांकी में महिलाओं की आजीविका, डिजिटल साक्षरता और बच्चों की शिक्षा पर पहल के प्रभाव को प्रदर्शित किया गया। सशक्त महिलाएं, समृद्ध परिवार, मजबूत राष्ट्र जो महिलाओं के योगदान को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताता है।

वित्तीय सेवा विभाग की झांकी

इस झांकी ने भारत के बैंकिंग विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था की यात्रा को दिखाया। इसमें प्रधानमंत्री जन धन योजना और वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। घूमते हुए सुनहरे सिक्के और रुपए के प्रतीक ने पारंपरिक से आधुनिक बैंकिंग प्रणाली में संक्रमण को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की झांकी

इस झांकी ने मौसम भवन के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया। इसमें मौसम पूर्वानुमान और चक्रवात जागरूकता के माध्यम से किसानों और मछुआरों के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला गया। झांकी में मौसम उपकरण और जीवंत पात्रों ने मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाया। जिससे समाज कल्याण को बढ़ावा मिला।

शहीदों को श्रद्धांजलि और जन भागीदारी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह से पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा कर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यह कदम देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए किए गए बलिदानों की याद दिलाने वाला था।

इस बार परेड का व्यापक विषय जन भागीदारी या लोगों की भागीदारी पर आधारित था। इसने सामूहिक प्रयास और एकता के महत्व को रेखांकित किया। जो एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक है।

एक समावेशी और प्रगतिशील भारत की झलक

नई दिल्ली में आयोजित इस गणतंत्र दिवस समारोह ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, विकास की उपलब्धियां और समावेशिता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया। महिला सशक्तिकरण और तकनीकी प्रगति से लेकर बैंकिंग और मौसम विज्ञान के विकास तक परेड ने राष्ट्र के समृद्ध अतीत और उज्ज्वल भविष्य को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।

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