छत्तीसगढ़

राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस में घमासान! चंदा वसूली, गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी ने बढ़ाई सियासी हलचल

अभनपुर में होने वाले प्रशिक्षण शिविर से पहले कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप, PCC अध्यक्ष ने चंदा वसूली के दावों को बताया बेबुनियाद

रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 21 जून को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अभनपुर में आयोजित होने जा रहे तीन दिवसीय कांग्रेस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर पार्टी के भीतर ही कई तरह की चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम के खर्च, कथित चंदा वसूली, गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के इस कार्यक्रम पर लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसी बीच कुछ कांग्रेस नेताओं पर विभिन्न विभागों और अधिकारियों से चंदा जुटाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आरोपों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट कहा है कि कार्यक्रम पूरी तरह पार्टी का आधिकारिक आयोजन है और इसकी सभी व्यवस्थाएं पार्टी फंड से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने किसी भी नेता को चंदा जुटाने की जिम्मेदारी नहीं दी है। यदि कोई व्यक्ति पार्टी के नाम पर वसूली करता पाया जाता है और इसकी शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी में चंदा जुटाने की परंपरा पुरानी रही है और राहुल गांधी के दौरे को लेकर भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं। भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए।

इधर कांग्रेस के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों का दावा है कि लंबे समय से पार्टी से जुड़े कई पुराने नेताओं को राहुल गांधी से मुलाकात का अवसर नहीं मिल रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ी है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम बेहद संक्षिप्त रहेगा और वे कुछ घंटों के प्रवास के बाद दिल्ली लौट जाएंगे।

अभनपुर स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर भोजन व्यवस्था पर भी चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इन दावों को निराधार बताया है और कहा है कि कार्यक्रम को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस के विभिन्न गुटों की सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर शक्ति प्रदर्शन का मंच भी बन सकता है। अब सभी की निगाहें 21 जून के कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहां राहुल गांधी की मौजूदगी के बीच इन विवादों और चर्चाओं पर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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